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Dehradun: फर्जी डॉक्टरों को डिग्रियां बनाकर बेचने वाला मास्टरमाइंड इमलाख गिरफ्तार, गैंगस्टर एक्ट भी लगेगा
Fri, 03 Feb 2023 10:07 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Fri, 03 Feb 2023 10:07 PM IST
सार
एसटीएफ ने 10 जनवरी को प्रदेश में चल रहे फर्जी डॉक्टर रैकेट का भंडाफोड़ किया था। उस वक्त दो फर्जी डॉक्टरों और इमलाख के भाई को गिरफ्तार किया गया था।
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एसटीएफ की गिरफ्त में इमलाख
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
फर्जी डॉक्टरों को बीएएमएस की डिग्रियां बेचने वाले मास्टरमाइंड इमलाख को एसटीएफ ने अजमेर से गिरफ्तार कर लिया। देहरादून पुलिस ने आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस के डर से वह राजस्थान भाग गया था। उसके पास से देशभर के शिक्षण संस्थानों के सैकड़ों फर्जी प्रमाण पत्र बरामद हुए हैं।
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एसटीएफ ने 10 जनवरी को प्रदेश में चल रहे फर्जी डॉक्टर रैकेट का भंडाफोड़ किया था। उस वक्त दो फर्जी डॉक्टरों और इमलाख के भाई को गिरफ्तार किया गया था। शुरुआती जांच में सामने आया कि इमलाख और उसके भाई ने प्रदेश के कुल 36 लोगों को कर्नाटक के एक विश्वविद्यालय की डिग्रियां आठ से 10 लाख रुपये में बेची हैं। इसके बाद मामले की जांच देहरादून जिला पुलिस को सौंप दी गई। एसएसपी ने जांच के लिए एक टीम गठित कर दी थी। मामले में पांच और फर्जी डॉक्टरों को गिरफ्तार किया गया।
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एसटीएफ के सीओ नरेंद्र पंत ने बताया कि फर्जी डिग्री बेचने और उसके जरिये भारतीय चिकित्सा परिषद में पंजीकरण की पूरी जिम्मेदारी इमरान का भाई इमलाख लेता था। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एक टीम का गठन किया गया। टीम ने जब लोकेशन पर काम किया तो पता चला कि इमलाख अजमेर के किशनगढ़ में है। बृहस्पतिवार शाम को इमलाख निवासी शेरपुर, मुजफ्फरनगर को अजमेर से गिरफ्तार कर लिया गया। उसके खिलाफ मुजफ्फरनगर में भी कई मुकदमे दर्ज हैं। वह मुजफ्फरनगर जिले का हिस्ट्रीशीटर भी है।
गैंगस्टर एक्ट भी लगेगा
पिछले दिनों डीजीपी अशोक कुमार ने आरोपी इमलाख पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित करने के लिए प्रस्ताव मांगा था। अब वह गिरफ्तार हो चुका है तो इनाम की राशि नहीं बढ़ेगी। लेकिन, उस पर गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई होनी है। इमलाख पर मुजफ्फरनगर पुलिस ने भी गैंगस्टर एक्ट लगाया था। जिला प्रशासन ने उसकी 25 करोड़ रुपये की संपत्ति को जब्त करने की कार्रवाई शुरू की लेकिन इमलाख को हाईकोट से स्टे मिल गया था।