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Dehradun: दो पहिया वाहन का DL बनवाने जाना होगा RTO, इंस्टीट्यूट के सर्टिफिकेट के आधार पर नहीं मिलेगा लाइसेंस
Mon, 24 Oct 2022 09:51 AM IST
रेनू सकलानी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: रेनू सकलानी
Updated Mon, 24 Oct 2022 09:51 AM IST
सार
प्रदेश में परिवहन विभाग के 49 मोटर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट हैं। दो पहिया वाहनों के ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर देशभर से आई शिकायतों के बाद एक्ट में संशोधन किया गया है। अब दो पहिया वाहनों का ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए आरटीओ में टेस्ट देना होगा।
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विस्तार
प्रदेश में दो पहिया वाहन चालकों को लाइसेंस बनवाने के लिए अब आरटीओ दफ्तर जाना होगा। ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट के सर्टिफिकेट के आधार पर डीएल बनाने की व्यवस्था अब खत्म कर दी गई है। दरअसल, परिवहन विभाग ने पिछले दिनों यह व्यवस्था लागू की थी कि मोटर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट से एक महीने का कोर्स करने के बाद जो सर्टिफिकेट मिलेगा, उसके आधार पर सीधे दो पहिया और चार पहिया वाहन का लाइसेंस बनवा सकेंगे।
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इसमें दो पहिया को लेकर देशभर से आई शिकायतों के बाद एक्ट में संशोधन किया गया है। अब दो पहिया वाहनों का ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए आरटीओ में टेस्ट देना होगा। हालांकि चार पहिया वाहन के लिए मोटर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट के सर्टिफिकेट की व्यवस्था लागू है।
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उत्तराखंड में 49 मोटर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट
प्रदेश में परिवहन विभाग के 49 मोटर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट हैं। इनमें से देहरादून और हल्द्वानी में दस-दस, टिहरी में एक, हरिद्वार में छह, पौड़ी और कोटद्वार में तीन-तीन, रुद्रप्रयाग में दो, कर्णप्रयाग में एक, ऊधमसिंह नगर में तीन, काशीपुर व चंपावत में दो-दो, अल्मोड़ा, बागेश्वर में एक-एक और पिथौरागढ़ में चार सेंटर शामिल हैं।