रिलायंस ज्वेल्स डकैती: सामने आया एक सहयोगी गैंग का नाम, डकैतों को मुहैया कराता है चोरी के वाहन
राज्य स्थापना दिवस के दिन राजपुर रोड पर हुई रिलायंस ज्वेल्स में डकैती की घटना में पुलिस ने बुधवार को बड़ी सफलता हाथ लगी थी। पुलिस ने बिहार के वैशाली से अभिषेक नाम के बदमाश को गिरफ्तार किया था।
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देहरादून के रिलायंस ज्वेल्स शोरूम में डकैती डालने वाले एक सहयोगी गैंग का और पता चला है। यह गैंग इन डकैतों को चोरी के वाहन उपलब्ध कराता है। पुलिस इस गैंग के बदमाशों को खोजने के लिए भी बिहार में दबिश दे रही है। इसके साथ ही घटना को अंजाम देने आए दो और बदमाशों के नामों का खुलासा हुआ है। इनमें अविनाश नाम के बदमाश के खिलाफ बिहार में एक दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार गैंग के सदस्य घटना करने के बाद अपना हुलिया बदल लेते हैं, जिससे उनकी पहचान कर पाना बेहद मुश्किल होता है।
बता दें कि राज्य स्थापना दिवस के दिन राजपुर रोड पर हुई रिलायंस ज्वेल्स में डकैती की घटना में पुलिस ने बुधवार को बड़ी सफलता हाथ लगी थी। पुलिस ने बिहार के वैशाली से अभिषेक नाम के बदमाश को गिरफ्तार किया था। यह वही बदमाश है जो वीडियो फुटेज में काउंटर से बैग में सामान भरता दिख रहा है। पुलिस ने बृहस्पतिवार को उसकी बिहार की स्थानीय कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड हासिल की और उसे लेकर देहरादून के लिए चली। पुलिस इस बदमाश को लेकर शनिवार सुबह तक देहरादून पहुंच सकती है। एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि अब तक की पूछताछ में उससे कई अहम जानकारियां हासिल हुई हैं।
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आरोपी अभिषेक ने पुलिस को बताया है कि उनके गैंग को बिहार का एक अन्य गैंग चोरी के वाहन उपलब्ध कराता है। उन्हीं वाहनों का उपयोग वह कई राज्यों में कर चुके हैं। इस गैंग के बदमाशों को तलाशने के लिए पुलिस टीम बिहार, बंगाल और अन्य जगहों पर दबिश दे रही है। एसएसपी ने बताया कि बिहार के इस गैंग के मुखिया रहे सुबोध ने उन्हें अपना हुलिया बदलने की ट्रेनिंग दी थी। घटना के बाद बदमाश अपना हुलिया बदल लेते हैं। इससे उनकी पहचान कर पाना बेहद मुश्किल हो जाता है। बता दें कि पुलिस ने अभिषेक के साथ तीन अन्य बदमाशों को भी गिरफ्तार किया था। ये बदमाश इस गैंग को फंडिंग करते हैं।
दो और बदमाशों के नाम भी पता चले
एसएसपी ने बताया कि घटना में कुल पांच बदमाश शामिल थे। इनमें से पहले ही दो बदमाशों विक्रम और प्रिंस की पहचान की जा चुकी थी। प्रिंस और विक्रम पर दो-दो लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया जा चुका है। इसके साथ ही अब अभिषेक की गिरफ्तारी के बाद दो और बदमाशों के नाम पता चले। इनमें अविनाश और राहुल नाम शामिल हैं। ये दोनों बदमाश भी घटना करने के लिए प्रिंस, विक्रम और अभिषेक के साथ देहरादून आए थे। अविनाश के खिलाफ बिहार में एक दर्जन मुकदमे दर्ज हैं।
सिस्टम की खामियों के कारण मुश्किल बना पकड़ना
एसएसपी ने बताया कि इस कार्रवाई में बिहार पुलिस के अधिकारियों का बहुत अच्छा समन्वय रहा। लेकिन, सिस्टम की कुछ खामियां भी हैं जिनके कारण इस गैंग को पकड़ पाना बेहद मुश्किल है। बताया जा रहा है कि किसी भी घटना के बाद इस गैंग के इतने सदस्यों की गिरफ्तारी पहली बार हुई है। इससे कई और राज्यों की घटनाएं खुलने की संभावना है। पकड़े गए बदमाश अभिषेक से बंगाल पुलिस भी पूछताछ कर चुकी है। बंगाल के रायगंज में इसी तरह बदमाशों ने डकैती को अंजाम दिया था।