देहरादूनः रायपुर स्टेडियम में मैचों की मेजबानी पर फंसा पेंच, सीएयू ने खड़े किए हाथ
- स्टेडियम के लिए ज्यादा फीस का भुगतान करने से सीएयू ने खड़े किए हाथ
- सीएयू ने कहा-फीस कम नहीं हुई तो छीन सकती है टूर्नामेंटों की मेजबानी
- स्टेडियम प्रबंधन भी डैमेज कंट्रोल में जुटा
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विस्तार
राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम रायपुर में बीसीसीआई टूर्नामेंट की मेजबानी को लेकर पेंच फंसता नजर आ रहा है। स्टेडियम की ओर से बढ़ाई गई फीस के अनुसार भुगतान करने से क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड ने हाथ खड़े कर दिए हैं।
सीएयू ने साफ कहा कि पूर्व निर्धारित मैच फीस का ही भुगतान किया जाएगा, वरना स्टेडियम से अंडर-23 वन-डे ट्रॉफी के बाद अन्य टूर्नामेंटों की मेजबानी भी छीनी जा सकती है। सीएयू के अनुसार, बीसीसीआई टूर्नामेंटों के लिए सभी ग्राउंड की मैच फीस एकसमान निर्धारित है।
विजय हजारे ट्रॉफी में स्टेडियम को 40 हजार रुपये प्रति मैच फीस दी गई, लेकिन अंडर-23 वन-डे ट्रॉफी के मैचों के लिए स्टेडियम की फीस करीब-करीब दोगुनी कर दी गई। इस कारण सीएयू ने अंडर-23 के मैच स्टेडियम में न कराने का फैसला लिया। इसके अलावा नेट फीस में भी वृद्धि की गई है। सीएयू का कहना है कि एक ही सीजन में टूर्नामेंटों की मैच फीस अलग-अलग देना संभव नहीं है।
रणजी मैचों के लिए होगा झटका
अगर रायपुर स्टेडियम की फीस का मसला हल नहीं होता है तो यहां रणजी मैच होने की संभावना भी बेहद कम है। ऐसे में रणजी ट्रॉफी के बड़े मैच कसिगा ग्राउंड, अभिमन्यु क्रिकेट एकेडमी जैसे मैदानों में कराने होंगे, जहां स्टेडियम जैसी सुविधाएं नहीं हैं।
बीच का रास्ता निकालने के भी प्रयास
मैच फीस का मसला हल करने के लिए स्टेडियम प्रबंधन भी बीच का रास्ता खोजने की कोशिशों में जुटा नजर आ रहा है। सूत्रों ने बताया कि स्टेडियम प्रबंधन की ओर से सीएयू को 8 लाख रूपये प्रति महीना फीस का ऑफर विकल्प के रूप में दिया है। जबकि सीएयू ने यह राशि 5 लाख रूपये करने की मांग की है। यह भी संभावना जताई जा रही है कि 6 लाख रूपये की फीस पर दोनों पक्षों में सहमति बन सकती है।
रायपुर स्टेडियम की अंडर-23 टूर्नामेंटों के मैचों से मैच फीस बढ़ा दी गई, जिस कारण इस टूर्नामेंट के मैचों की मेजबानी स्टेडियम से ली गई। यदि स्टेडियम की मैच फीस कम नहीं होती है तो मजबूरन अन्य टूर्नामेंट के मैच भी स्टेडियम से लिए जा सकते हैं। उम्मीद करते हैं कि कोई समाधान निकलेगा।
- महिम वर्मा, उपाध्यक्ष बीसीसीआई एवं सचिव सीएयू