देहरादून: पुलिस ने शुरू किया ऑपरेशन 'थर्ड आई', चप्पे-चप्पे पर फैलेगा सीसीटीवी का जाल
- संवेदनशील इलाकों में नए कैमरे लगेंगे, मौजूदा सीसीटीवी की स्थिति भी परखी जाएगी, 15 दिन बाद होगी मॉक ड्रिल
विस्तार
राजधानी देहरादून में पुलिस सीसीटीवी का जाल फैलाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए दून को सीसीटीवी कैमरों का ग्रिड बनाने के लिए पुलिस ने ऑपरेशन थर्ड आई की शुरूआत की है। 15 दिन के इस ऑपरेशन में सभी थाना पुलिस को अपने-अपने क्षेत्र में अपराध के लिहाज से संवेदनशील इलाकों में कैमरे लगवाने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस का दावा है कि इससे अपराधियों के मन में खौफ पैदा हो गया और किसी भी घटना होने के बाद अपराधी जल्दी पकड़े जाएंगे।
इस अभियान के लिए नोडल अधिकारी एसपी क्राइम लोकजीत सिंह को बनाया गया है। उनके साथ सहायक नोडल अधिकारी सीओ सदर अनुज कुमार और सीओ मसूरी नरेंद्र पंत होंगे। पुलिस के अनुसार 15 दिन के इस अभियान में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा से ज्यादा बेहतर गुणवत्ता वाले कैमरे लगाए जाने हैं। इनमें नाइट विजन होना बेहद आवश्यक है। इसके लिए उन स्थानों को चुना जाएगा जहां अपराध होने की आशंका ज्यादा होती है।
सबसे पहले थाना पुलिस कैमरों की संख्या का आंकलन करेगी। इसके बाद व्यापारियों, जनप्रतिनिधियों, वेलफेयर सोसाइटीज आदि से संपर्क कर कैमरे लगवाए जाएंगे। डीआईजी ने बताया कि 15 दिन बाद एक मॉक ड्रिल के माध्यम से थाना प्रभारियों, चौकी प्रभारियों और चीता पुलिस के कामों की समीक्षा की जाएगी।
ये हैं निर्देश
- सभी चौकी व हल्का प्रभारी व्यक्तिगत रूप से ऐसे स्थान चिह्नित करेंगे जहां सीसीटीवी कैमरों की संख्या कम हो।
- अभियान के दौरान लगाए जाने वाले कैमरों की गुणवत्ता बेहतर हो और इनकी स्टोरेज क्षमता लगभग एक माह से कम न हो।
- बाजार क्षेत्रों और रूट पर इस बात पर फोकस हो कि कैमरे का रुख ऐसी दिशा में हो जहां से संदिग्ध व्यक्ति और वाहन आदि की पहचान हो सके।
- सभी चीता मोबाइल अपनी-अपनी बीट पुस्तिका में निर्धारित प्रारूप में सीसीटीवी संबंधी सूचना को दर्ज करेंगे। ताकि, किसी भी घटना के बाद इसका इस्तेमाल किया जा सके।
एक साल में लगवाए 2687 कैमरे
दून पुलिस ने एक साल में विधायक निधि से कुल 64 कैमरे लगवाए हैं। इसके अलावा अन्य स्रोत यानी व्यापारियों, रेजीडेंट वेलफेयर सोसाइटी आदि के माध्यम से 2623 कैमरे लगवाए गए। कुल मिलाकर एक साल में 2687 कैमरे शहर और आसपास के क्षेत्रों में लगे हैं। इनमें से पुलिस के अपने 288 कैमरे हैं, जो शहर के चौराहों और अन्य इलाकों में लगे हुए हैं।
हमारा उद्देश्य है कि शहर और आसपास में ज्यादा से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की कवरेज हो। ताकि, हर क्षेत्र इनकी निगरानी में किया जाए। इससे अपराध होने के बाद संदिग्धों और बदमाशों की पहचान में आसानी होगी। इसके लिए यह 15 दिन का अभियान चलाया गया है। 15 दिन बाद मॉक ड्रिल के माध्यम से समीक्षा की जाएगी। बेहतर काम वालों को इनाम भी दिया जाएगा।
- अरुण मोहन जोशी, डीआईजी देहरादून।