फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Dehradun: Patwari police again tried to hide a big case.

Dehradun : फिर एक बड़े मामले को दबाने में लगी थी पटवारी पुलिस, अब होगी दुष्कर्म के मामले की जांच

Sun, 03 Sep 2023 12:29 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून
अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 03 Sep 2023 12:29 AM IST
सार

रुद्रप्रयाग में एक युवती से दुष्कर्म का मामला इस एक सदी पुरानी व्यवस्था की भेंट चढ़ने वाला था। सात दिनों तक इसे दबाने का भरपूर प्रयास हुआ, लेकिन परिजनों की जागरूकता के चलते केस को रेगुलर पुलिस को ट्रांसफर करना पड़ा।

विज्ञापन
Dehradun: Patwari police again tried to hide a big case.
uttarakhand police

विस्तार

एक साल बाद फिर से पटवारी पुलिस की कार्यशैली पर एक बड़ा सवाल उठा है। रुद्रप्रयाग में एक युवती से दुष्कर्म का मामला इस एक सदी पुरानी व्यवस्था की भेंट चढ़ने वाला था। सात दिनों तक इसे दबाने का भरपूर प्रयास हुआ, लेकिन परिजनों की जागरूकता के चलते केस को रेगुलर पुलिस को ट्रांसफर करना पड़ा। एक साल से इस व्यवस्था को खत्म करने का प्रयास चल रहा है, लेकिन अब भी बहुत बड़ा हिस्सा पटवारी क्षेत्र के पास ही है।

विज्ञापन


बता दें कि पिछले साल पौड़ी जिले में चर्चित अंकिता हत्याकांड मामले में भी पटवारी पुलिस चार दिनों तक कुछ नहीं कर पाई थी। स्थानीय लोगों का जब गुस्सा बढ़ा तो प्रशासन को इस मामले को रेगुलर पुलिस को देना पड़ा। लेकिन, तब तक बहुत से साक्ष्य नष्ट हो गए थे। जांच एसआईटी के पास गई और फिर छह दिन बाद अंकिता की लाश बरामद हुई। इसके बाद इस पुरानी व्यवस्था को खत्म करने की बात शुरू हो गई। हाईकोर्ट ने भी इस मामले में शासन को सख्त निर्देश दिए थे। इस पर शासन ने पुलिस को सर्वे करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन


मामले में पुलिस ने सर्वे किया तो 4000 से अधिक गांवों को रेगुलर पुलिस में शामिल किया गया। शासन के निर्देश पर 20 चौकी और छह नए रेगुलर पुलिस के थाने बनाए गए। लेकिन, अब भी बहुत से गांव रेगुलर पुलिस में शामिल होने से बचे हुए हैं। इसके लिए दूसरे चरण का सर्वे शुरू हो गया है। अब देखने वाली बात है कि इस पुरानी व्यवस्था को पूरी तरह से खत्म होने में कितने दिन लगते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


अधिकांश हत्याएं बन गईं रहस्य
पटवारी पुलिस व्यवस्था लागू होने से सबसे बड़ा असर हत्याओं के मुकदमों में हुआ। पूरे प्रदेश में पूर्व के वर्षों में कई ऐसी हत्याएं हुईं जो रहस्य बन गईं। जब तक मुकदमों की जांच रेगुलर पुलिस के पास गई तब तक सारे साक्ष्य नष्ट हो गए। लिहाजा, रेगुलर पुलिस के पास भी करने को कुछ नहीं बचा। अंत में अधिकांश मामलों में पुलिस को भी अंतिम रिपोर्ट ही अदालत में दाखिल करनी पड़ी। बीते छह सालों में ऐसी 13 हत्याओं के राज से अब तक पर्दा नहीं उठ पाया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed