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देहरादूनः नहीं मिली पैसिफिक मॉल प्रबंधन को हाईकोर्ट से राहत, बड़ी कार्रवाई कर सकता है नगर निगम

Wed, 05 Feb 2020 11:15 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Wed, 05 Feb 2020 11:15 PM IST
सार

  • पांच फरवरी को हाईकोर्ट में होनी थी सुनवाई, जज ने मामले को नहीं सुना, आज बड़ी कार्रवाई कर सकता है नगर निगम  
  • मॉल प्रबंधन ने सेल्फ  असेसमेंट में गलत जानकारी देकर टैक्स में की थी हेराफेरी
  • मॉल पर जुर्माने सहित 4.49 करोड़ रुपये बकाया है 

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Dehradun Pacific Mall did not get relief from High Court, Municipal Corporation can take action
देहरादून नगर निगम - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

पैसिफिक मॉल के सेल्फ एसेसमेंट (स्वकर निर्धारण प्रपत्र) में गड़बड़ी करने के मामले में नगर निगम ने पैसिफिक डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड को हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है। दूसरी बार हाईकोर्ट जाने पर भी जज ने मामले को नहीं सुना है। इसके बाद बृहस्पतिवार को नगर निगम कोई बड़ी कार्रवाई कर सकता है।

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नगर आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने शहर के 50 प्रतिष्ठानों द्वारा भरे गए सेल्फ असेसमेंट फार्म की जांच कराई थी। जिनमें से पैसिफिक मॉल प्रबंधन समेत 15 प्रतिष्ठानों द्वारा सेल्फ असेसमेंट में गड़बड़ी करने की बात सामने आई थी। जिस पर नगर आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने पैसिफिक डेवलपमेंट कारपोरेशन लि. द्वारा भरे गए सेल्फ असेसमेंट फॉर्म का भौतिक सत्यापन कराया था। जिसमें काफी बढ़े स्तर पर टैक्स की हेराफेरी की गई थी। 

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चार गुना जुर्माने के साथ 4,89,92,032 रुपये जमा करने के आदेश दिया था

बताया गया है कि मॉल का एरिया काफी अधिक है, लेकिन असेसमेंट कम किया गया था। जिसके बाद नगर आयुक्त ने बीते छह दिसंबर को खुद मामले की सुनवाई की। उन्होंने पैसिफिक डेवलपमेंट कारपोरेशन लि. को टैक्स में आ रहे अंतर को चार गुना जुर्माने के साथ 4,89,92,032 रुपये जमा करने के आदेश दिया था।

जिस पर प्रबंधन ने केवल 40 लाख रुपये जमा कराए। इसी बीच पैसिफिक डेवलपमेंट कारपोरेशन लि. प्रबंधन सिविल कोर्ट चला गया था, जहां से कोई राहत नहीं मिली। इसके बाद हाईकोर्ट में जाने पर वहां से भी राहत नहीं मिली। सिविल कोर्ट ने छह जनवरी तक निगम में टैक्स जमा करने का आदेश दिया था। इसके बाद प्रबंधन फिर से हाईकोर्ट चला गया, जहां बुधवार को इस मामले की सुनवाई होनी थी लेकिन न्यायाधीश ने प्रबंधन की याचिका पर सुनवाई नहीं की। 

उधर, पैसिफिक मॉल के मीडिया प्रभारी शिवम त्रिवेदी का कहना है कि हाईकोर्ट से मामले में अगली तारीख मिली है, लेकिन तारीख क्या है, इसकी जानकारी अभी नहीं मिल पाई है। वहीं, चार फरवरी तक निगम को चल-अचल संपत्ति का ब्योरा उपलब्ध कराने के बाबत कोई जानकारी नहीं है। 

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कभी भी सील हो सकता है पैसिफिक मॉल 

पैसिफिक मॉल कभी भी सील हो सकता है। नगर आयुक्त विनय शंकर पांडेय के आदेश पर निगम ने 24 जनवरी को 4.49 करोड़ रुपये का संशोधित वारंट जारी किया था। साथ ही चार फरवरी तक उनसे चल-अचल संपत्ति का ब्योरा तलब किया था, लेकिन प्रबंधन ने कोई ब्योरा उपलब्ध नहीं कराया। ऐसे में जुर्माना वसूलने को पैसिफिक मॉल की नीलामी निगम की ओर से करने की संभावना है। जिसे पर बृहस्पतिवार को कोई बड़ी कार्रवाई हो सकती है।

कार्रवाई के लिए टीम गठित 

नगर आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने 17 जनवरी को पैसिफिक डेवलपमेंट कारपोरेशन लि. पर कार्रवाई के लिए टीम गठित कर दी थी। टीम में उप नगर आयुक्त सोनिया पंत, सहायक नगर आयुक्त विजलदास बागसान, कर एवं राजस्व अधीक्षक धर्मेश पैन्यूली व पूनम रावत, विनय प्रताप सिंह, एई जयप्रकाश रतूड़ी, टैक्स इंस्पेक्टर अनिरुद्ध चौधरी एवं सुधा यादव, जेई एसएस नेगी शामिल हैं। टीम दो बार नोटिस चस्पा कर चुकी है।

पैसिफिक डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड से चार फरवरी तक सभी चल संपत्तियों का ब्योरा मांगा गया था, ताकि निगम जुर्माना वसूल सके, लेकिन प्रबंधन ने कोई ब्योरा नहीं दिया है। ऐसे में अब टीम कभी भी उनकी चल एवं अचल संपत्तियों की नीलामी कर सकती है। पैसिफिक प्रबंधन को किसी भी तरह की रियायत नहीं दी जाएगी।
- विनय शंकर पांडेय, नगर आयुक्त 

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