फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Dehradun News: lieutenant colonel Got 10 years imprisonment for bribery of 10 thousand Rupees

देहरादून: रिश्वतखोर लेफ्टिनेंट कर्नल को 10 साल की कैद, ठेकेदार से ली थी 10 हजार रुपये की रिश्वत

Mon, 05 Apr 2021 11:46 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Mon, 05 Apr 2021 11:46 PM IST
सार

  • देहरादून में एमईएस में गैरीसन इंजीनियर के पद पर तैनात था भरत जोशी 
  • मामले में सहायक गैरीसन इंजीनियर को भी पांच साल का कठोर कारावास 

विज्ञापन
Dehradun News: lieutenant colonel Got 10 years imprisonment for bribery of 10 thousand Rupees
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

देहरादून सीबीआई विशेष जज सुजाता सिंह की कोर्ट ने 10 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार हुए लेफ्टिनेंट कर्नल भरत जोशी को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने जोशी पर 55 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जोशी वर्ष 2016 में एमईएस (मिलिट्री इंजीरियरिंग सर्विसेज) में गैरीसन इंजीनियर के पद पर तैनात थे और ठेकेदार का बिल पास कराने के लिए रिश्वत मांगी थी। इस मामले में जोशी के सहयोगी इंजीनियर को भी पांच साल की सजा हुई है। भरत जोशी वर्तमान में वर्तमान में हैदराबाद में तैनात है।

विज्ञापन


सीबीआई के अधिवक्ता सतीश गर्ग ने बताया कि आईआरडीई (इंस्ट्रयूमेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट) में निर्माण कार्य करने वाले ठेकेदार हरेंद्र का करीब 16 लाख रुपये का भुगतान बकाया था। काफी प्रयासों के बाद भी भुगतान नहीं हो पा रहा था। इसके लिए उन्होंने लेफ्टिनेंट कर्नल भरत जोशी (निवासी पोखरा, जिला पौड़ी गढ़वाल) से संपर्क किया। लेकिन, इस बिल का भुगतान करने के लिए जोशी ने हरेंद्र से रिश्वत की मांग की। पूरी बात 38 हजार रुपये में तय हुई। 
विज्ञापन


ठेकेदार ने 10 हजार रुपये पहले और बाकी पांच दिन बाद देने को कहा। इसी बीच ठेकेदार इस मामले की सीबीआई से शिकायत कर चुका था। इसके बाद चार जुलाई 2016 को सीबीआई की टीम ने विज्ञान विहार रायपुर स्थित भरत जोशी के आवास से उन्हें रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। सीबीआई की जांच में सामने आया कि इस पूरे प्रकरण में असिस्टेंट गैरीसन इंजीनियर मनीष कुमार का भी हाथ है। ठेकेदार से हुई बातचीत की रिकार्डिंग में मनीष कुमार की भी आवाज थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


कुछ दिन बाद सीबीआई ने मनीष कुमार (निवासी सेक्टर 22, द्वारका, नई दिल्ली) को भी गिरफ्तार कर लिया। सीबीआई ने 29 सितंबर 2017 को चार्जशीट दाखिल की। ट्रायल के दौरान सीबीआई ने 14 गवाह पेश किए। इसके साथ ही दर्जनों दस्तावेजी और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को भी अदालत में प्रस्तुत किया गया। सभी पहलुओं को सुनने के बाद सोमवार को अदालत ने भरत जोशी को 10 साल और मनीष कुमार को पांच साल कठोर कारावास की सजा सुनाई। भरत पर अलग-अलग धाराओं में 55 हजार और मनीष कुमार पर 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed