देहरादून में अतिक्रमण पर आज फिर चली जेसीबी, सड़कों पर लगा लंबा जाम
- हर जोन में एसडीएम व सीओ की तैनाती, एक घंटे अतिक्रमण चिह्नीकरण व इसके बाद होगी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई
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विस्तार
अतिक्रमण पर करीब एक साल बाद मंगलवार को फिर से कार्रवाई हुई। पहले दिन तीखी नोकझोंक के बीच 219 अतिक्रमण पर घन बरसे और जेसीबी चली। टीम ने जैसे ही कार्रवाई शुरू की, अतिक्रमणकारियों ने खुद ही अतिक्रमण तोड़ना शुरू कर दिया। कई जगहों पर अतिक्रमणकारी अधिकारी से मोहलत मांगते दिखाई दिए। हालांकि अधिकारियों की सख्ती के आगे उनकी एक न चली।
टीम ने राजपुर रोड पर सर्वे ऑफ इंडिया की दीवार तोड़े जाने से लेकर मसूरी डाइवर्जन पर पुलिस बूथ भी अभियान की चपेट में आया। इस दौरान दिलाराम चौक, हरिद्वार रोड पर कुछ जगहों पर व्यापारियों व लोगों की अधिकारियों के बहस हुई, हालांकि हाईकोर्ट का हवाला देने पर वह बैकफुट पर आ गए। जिसके बाद टीम ने कार्रवाई की।
कार्रवाई के बाद हाईकोर्ट में दी जाएगी रिपोर्ट
टास्क फोर्स के अध्यक्ष विनय शंकर पांडेय ने बताया कि करीब एक सप्ताह चलने वाले अभियान की रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश की जाएगी। टीम ने पहले दिन 200 से ज्यादा अतिक्रमण ध्वस्त किए हैं। जब तक अतिक्रमण पूरी तरह से ध्वस्त नहीं हो जाते, अभियान जारी रहेगा।
सड़कों पर कई बार लगा जाम
अतिक्रमण हटाओ अभियान के चलते कई बार राजधानी की सड़कों पर कई बार जाम लगा। जिसके चलते लोग परेशान दिखाई दिए। हालांकि पुलिस की वजह से ज्यादा लंबा जाम नहीं लग सका।
सड़कों पर नहीं दिखाई दिया अस्थाई अतिक्रमण
टास्क फोर्स की कार्रवाई को देखते हुए मंगलवार को शहर की सड़कों व फुटपाथ पर दिखने वाला अस्थाई अतिक्रमण नदारद था। जिसके चलते शहर की सड़कों फिर से चौड़ी दिखाई दे रही थीं। जबकि आम दिनों में अस्थाई अतिक्रमण के चलते लोगों का फुटपाथ पर चलना दूभर हो गया था।
जोनवार हुई कार्रवाई की रिपोर्ट
जोन अतिक्रमण पर कार्रवाई
जोन-1 25
जोन-2 100
जोन-3 30
जोन-4 64
अभी नहीं हुआ सड़कों का सौंदर्यीकरण
दो साल पहले जब हाईकोर्ट के आदेश पर अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चला था, तब तत्कालीन अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने शहर में अतिक्रमणमुक्त हुई सड़कों का 100 करोड़ से सौंदर्यीकरण की बात कही थी। जिसके तहत सड़क, नाली, फुटपाथ आदि कार्य होने थे। लेकिन, सौंदर्यीकरण तो दूर की बात है। अभी तक तमाम स्थानों पर कार्रवाई के दौरान पड़ा मलबा तक नहीं उठ पाया है। जिसके चलते लोगों को आवागमन में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
दोबारा अतिक्रमण हुआ, पर मुकदमा नहीं
टास्क फोर्स ने जब अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया था तो दोबारा अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की बात कही गई थी। मगर, अभी तक एक रुपये न तो जुर्माना वसूला गया और न ही किसी के खिलाफ कोई मुकदमा हुआ है। यही वजह रही कि अतिक्रमणकारियों ने धीरे-धीरे फिर से अतिक्रमण शुरू कर दिया था। हालांकि टास्क फोर्स ने उसे ध्वस्त कर दिया।
पारदर्शिता न रखने का भी लगाया आरोप
कई जगहों पर व्यवसायियों ने टास्क फोर्स पर पारदर्शिता न रखने का भी आरोप लगाया। उनका कहना था कि जो पहुंच वाले नहीं हैं, उन पर तो कार्रवाई हो रही है। प्रभावशाली लोगों द्वारा किए गए अतिक्रमण पर उन्हें मोहलत मिल रही है। जो सही नहीं है। कार्रवाई सभी जगह समान रूप से होनी चाहिए।