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घर बैठे बर्थ सर्टिफिकेट देने की योजना ने दम तोड़ा
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 30 Sep 2017 12:06 PM IST
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नगर निगम की घर बैठे बर्थ सर्टिफिकेट देने की योजना दम तोड़ गई। ऑनलाइन होने के बाद भी लोगों को बर्थ सर्टिफिकेट नहीं मिल रहे हैं। लोगों को अब भी निगम के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। निगम अफसरों का कहना है कि अस्पतालों के डाटा उपलब्ध न कराने से दिक्कतें आ रही हैं।
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नगर निगम में हर माह 800-1000 बर्थ सर्टिफिकेट बनाने के आवेदन आते हैं। नगर निगम ने जनवरी से ऑनलाइन बर्थ सर्टिफिकेट बनाना शुरू किया था। लेकिन स्टॉफ की कमी, फिर अस्पतालों से डाटा न मिलने की वजह से योजना परवान नहीं चढ़ सकी। अधिकारियों का कहना है कि अगर अस्पताल उन्हें समय पर डाटा उपलब्ध कराए तो वह सर्टिफिकेट बनाकर जल्द से जल्द उपलब्ध करा सकते हैं।
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गलत नाम भी बढ़ा रहीं मुश्किलें
कभी अस्पताल तो कभी नगर निगम के कर्मचारियों की ओर से नाम में गलतियां छोड़ दी जाती हैं। जिसके कारण लोगों को नाम ठीक करवाने के लिए फिर से निगम के चक्कर काटने पड़ते हैं।
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डिजिटल साइन न होने से भी लग रहा टाइम
डिजिटल साइन न होने के चलते भी लोगों को ऑनलाइन बर्थ सर्टिफिकेट मिलने में टाइम लग रहा है। प्रिंट आउट निकालने के बाद उस पर वरिष्ठ नगर स्वास्थ्य अधिकारी के साइन होते हैं। कई बार जरूरी काम के चलते वरिष्ठ नगर स्वास्थ्य अधिकारी को बाहर जाना पड़ता है। जिसका असर बर्थ सर्टिफिकेट पर भी पड़ता है।
प्राइवेट अस्पतालों से बर्थ संबंधी डाटा समय पर उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। जिसके कारण ऑनलाइन बर्थ सर्टिफिकेट तत्काल देने में दिक्कत आ रही है। अस्पतालों को नोटिस भेजा गया है। जल्द व्यवस्था ठीक होने की उम्मीद है।
- डॉ. कैलाश गुंज्याल, वरिष्ठ नगर स्वास्थ्य अधिकारी