अमर उजाला एक्सक्लूसिव : देहरादून नगर निगम नवंबर में करेगा पालतू कुत्तों का सर्वे, इतने रुपये में दिया जाएगा लाइसेंस
- शहर में बड़ी संख्या में पाले जा रहे हैं डॉगी, 200 रुपये में दिया जाएगा लाइसेंस
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देहरादून नगर निगम नवंबर में पालतू कुत्तों का सर्वे शुरू करने जा रहा है। इस दौरान जिन लोगों ने कुत्ता पालने का लाइसेंस नहीं ले रखा है। उन्हें लाइसेंस जारी किए जाएंगे। संबंधित अधिकारियों के अनुमान के मुताबिक निगम क्षेत्र में पालतू कुत्ता पालने वालों की संख्या हजारों में है, जबकि लाइसेंस एक हजार लोगों से भी कम ने ले रखे हैं।
दून में कुत्ते पालने के शौकीनों की बड़ी संख्या है। लोगों ने घरों में डॉबरमैन, रोटविलर, ग्रेट डेन, अमेरिकन पिट बुल, तिब्बतन मेस्टिफ, ग्रेहाउंड जैसी नस्ल के कुत्ते पाल रखे हैं। अब कुत्ता पालने का लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा।
इस लाइसेंस की फीस 200 रुपये है। नगर निगम के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. दिनेश तिवारी ने पालतू कुत्तों का सर्वे कराने का निर्णय लिया है। नवंबर में सर्वे शुरू होगा। इससे पहले आखिरी बार सर्वे कब हुआ था, इसकी जानकारी अधिकारियों को नहीं है।
लाइसेंस के लिए नियम
- रजिस्ट्रेशन फॉर्म के साथ वेटरनरी डॉक्टर से रैबीज से बचाने के लिए टीका लगा होने का सर्टिफिकेट भी लाना होगा।
- कुत्ते के रजिस्ट्रेशन के बाद नगर निगम की ओर से इसके मालिक का नाम और पता लिखा टोकन दिया जाएगा।
- स्टेरलाइजेशन (जीवाणुनाशक) का सर्टिफिकेट भी देना होगा।
- कुत्ते के लाइसेंस लेने या रजिस्ट्रेशन के लिए 200 रुपये फीस देनी होगी।
ये जानकारी होना है जरूरी
- निगम की टीम सर्वे और लाइसेंस जारी होने के बाद किसी भी घर में या गली में चेकिंग करेगा। ऐसे में अगर किसी ने लाइसेंस नहीं लिया होगा तो उससे 50 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना भी वसूला जाएगा।
- कुत्ते में रैबीज के लक्षण दिखने पर उसकी जानकारी निगम को देनी होगी, ताकि उसका समय पर इलाज करवाया जा सके।
- अगर कुत्ता किसी को काट लेता है या कोई और नुकसान कर देता है तो इसकी भरपाई उसके मालिक को करनी होगी।
- कुत्ते के खतरनाक होने की शिकायत अगर कोई निगम को करता है तो उसके मालिक को नोटिस भेजा जाएगा।