फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Dehradun Municipal Corporation imposed house tax on its own building

नजीर : देहरादून नगर निगम ने अपनी ही बिल्डिंग पर लगाया हाउस टैक्स

Tue, 31 Dec 2019 10:30 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Tue, 31 Dec 2019 10:30 AM IST
सार

  • वर्ष 2016 से अब तक का करीब 29 लाख रुपये हाउस टैक्स छूट के साथ कराया जमा 
  • नगर आयुक्त ने शहर के 150 सरकारी, अर्द्ध सरकारी व प्राइवेट प्रतिष्ठानों को जारी किए नोटिस 

विज्ञापन
Dehradun Municipal Corporation imposed house tax on its own building
देहरादून नगर निगम - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

नगर निगम प्रशासन ने अपनी ही बिल्डिंग पर हाउस टैक्स लगाया है। इतना ही नहीं उसने वर्ष 2016 से शुरू हुए कॉमर्शियल टैक्स के तहत चार साल का करीब 29 लाख रुपये हाउस टैक्स पर 20 प्रतिशत छूट के बाद 25 लाख रुपये टैक्स सोमवार को ही जमा भी करा दिया। इसके साथ ही नगर आयुक्त के आदेश पर शहर के 150 सरकारी, अर्द्ध सरकारी और प्राइवेट प्रतिष्ठानों को नोटिस भी जारी कर दिए गए हैं। 

विज्ञापन


नगर निगम प्रशासन ने वर्ष 2016 से कॉमर्शियल टैक्स शुरू किया था। इसके तहत शहर के तमाम सरकारी, अर्द्ध-सरकारी और प्राइवेट प्रतिष्ठानों से कॉमर्शियल हाउस टैक्स वसूला जाना था। इसी कड़ी में नगर  निगम प्रशासन ने खुद को भी इसमें शामिल करते हुए अपनी बिल्डिंग पर हाउस टैक्स लगा दिया है।
विज्ञापन


निगम पर सालाना सवा सात लाख रुपये हाउस टैक्स बना है। जिस पर नगर आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने चार साल का करीब 29 लाख रुपये हाउस टैक्स 20 प्रतिशत छूट के बाद बने 25 लाख रुपये टैक्स को जमा कराकर नजीर पेश की है। इतना ही नहीं इसके बाद उन्होंने शहर के 150 सरकारी, अर्र्द्ध-सरकारी एवं प्राइवेट प्रतिष्ठानाें को नोटिस जारी कर दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

दावा: टैक्स देने वाला देश का पहला निगम 

नगर आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने दावा किया है कि देहरादून नगर निगम देश का पहला नगर निगम है, जिसने अपनी ही बिल्डिंग पर टैक्स लगाया है। उनका कहना है कि जब निगम शहर के अन्य संस्थानों से  टैक्स वसूलता है तो उसे खुद भी टैक्स अदा करना चाहिए। इसी के तहत यह पहल की गई है। उन्होंने साफ कहा कि जब निगम खुद अपनी बिल्डिंग का टैक्स दे रहा है तो अन्य सरकारी, अर्द्ध सरकारी और प्राइवेट प्रतिष्ठानों को भी टैक्स देना होगा।  

इन प्रतिष्ठानों को जारी किए नोटिस

राजाजी राष्ट्रीय पार्क, मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण, जल संस्थान, जलागम प्रबंधन, निबंधक एवं फर्म सोसाइटी, निबंधक सहकारी समिति, राज्य औषधि पादप बोर्ड, उत्तराखंड बांस एवं रेशा विकास परिषद, उत्तराखंड आवास एवं विकास परिषद, उत्तराखंड जैव विविधता बोर्ड, उत्तराखंड वक्फ बोर्ड, सिंचाई विभाग, उत्तराखंड मदरसा बोर्ड, भूमि सर्वेक्षण, उर्दू अकादमी, उत्तराखंड अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग, सिडकुल, पिटकुल, लोकयुक्त कार्यालय, राज्य सफाई कर्मचारी आयोग, सहकारी निर्वाचन प्राधिकरण आदि। 

विवि, कॉलेजों को भी नोटिस 

नगर निगम प्रशासन ने शहर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को भी नोटिस भेजे हैं। जिसमें ग्राफिक एरा विवि, डीएवी पीजी कालेज, डीबीएस पीजी कालेज, डीआईटी, एमकेपी आदि शामिल हैं। 

हम दूसरों से टैक्स वसूलते हैं, जिसके बदले में उन्हें साफ-सफाई समेत अन्य सुविधाएं मुहैया कराते हैं। ऐसे में निगम को भी अपने भवन का टैक्स देना चाहिए। जिसे लेकर 2016 से अब तक बने हाउस टैक्स को जमा करा दिया गया है। ऐसे में सभी को समझ लेना चाहिए कि किसी को भी रियायत नहीं दी जाएगी। उन्हें हरहाल में हाउस टैक्स जमा कराना ही होगा। - विनय शंकर पांडेय, नगर आयुक्त 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed