मेट्रो प्रोजेक्ट में आइडिया न लेने पर मेयर खफा, किया बड़ा दावा
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सरकार के मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट में महापौर विनोद चमोली का सुझाव न लेने पर वो खफा हैं। उन्होंने दावा किया कि यदि सरकार उनका सुझाव लेती तो और बेहतर प्लान बनाया जा सकता था।
कहा कि उन्होंने शहर को मेट्रो सिटी बनाने के लिए सुझाव दिए थे। जिस पर एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने 2010 में दून को काउंटर मैग्नेट सिटी घोषित किया था।
बुधवार को पत्रकारों से वार्ता कर महापौर ने कहा कि दून को मेट्रो सिटी बनाने के लिए उन्होंने समय-समय पर सरकार और मुख्य सचिव को भी सुझाव दिए। कहा कि शहर के विकास के स्टेट कैपिटल रीजन अथॉरिटी बनाई जाए।
उन्होंने कहा कि दून में मेट्रो से काफी लाभ होगा। इसे लेकर कई साल पहले से काम कर रहा हूं। हो सकता है कि मेरे सुझाव से प्रोजेक्ट और बेहतर हो जाता। लेकिन, सरकार ने सलाह तक के लिए नहीं बुलाया।
पहले भी मेयर जता चुके हैं नाराजगी
इससे पहले भी महापौर ने बीते दिनों आईएसबीटी फ्लाईओवर में न बुलाए जाने पर अपनी नाराजगी जताई थी।
उन्होंने बल्लीवाला फ्लाईओवर के उद्घाटन के मौके पर इस बात को सार्वजनिक मंच से कहा। उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा था कि निगम क्षेत्र में होने वाले विकास कार्यों में महापौर होने के नाते सरकार को बुलाना चाहिए। यह प्रोटोकॉल में भी आता है। लेकिन, इसके बावजूद सरकार की ओर से अनदेखी की जा रही है। जो ठीक नहीं है।
महापौर की ओर से दिए गए सुझाव
आईएसबीटी फ्लाईओवर को वाई शेप में बनाने का सुझाव दिया। जिसे पहले नहीं माना गया, लेकिन बाद में समस्या आने पर मान लिया गया। अब फ्लाईओवर वाई शेप में मनाया जा रहा है। जबकि पहले ही ऐसा प्लान होता तो लागत में कमी आ सकती थी।