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Mining Banned: देहरादून में 30 सितंबर तक नदियों में खनन पर रोक, जिलाधिकारी ने समीक्षा बैठक में दिए निर्देश
Thu, 02 Jul 2026 12:46 AM IST
दुष्यंत शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 02 Jul 2026 12:46 AM IST
सार
जिला मजिस्ट्रेट आशीष चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे यह पक्का करें कि उनके इलाकों में कोई स्टोन क्रशर न चले और कोई माइनिंग न हो।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मानसून के मद्देनजर देहरादून के जिला मजिस्ट्रेट आशीष चौहान ने 30 सितंबर तक नदियों में सभी तरह की माइनिंग गतिविधियों पर रोक लगा दी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे यह पक्का करें कि उनके इलाकों में कोई स्टोन क्रशर न चले और कोई माइनिंग न हो।
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वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई एक समीक्षा बैठक में, चौहान ने सभी सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट को निर्देश दिया कि 1 जुलाई से 30 सितंबर तक नदियों में किसी भी तरह की माइनिंग गतिविधि पर पूरी तरह रोक रहेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस दौरान कोई गाड़ी मिनरल ले जाते हुए पाई गई, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और गाड़ी जब्त कर ली जाएगी।
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DM ने नदी के किनारे मौजूद टूरिस्ट स्पॉट पर वॉर्निंग सायरन और CCTV कैमरे लगाने के भी निर्देश दिए, ताकि पानी का स्तर बढ़ने या प्राकृतिक आपदा की स्थिति में टूरिस्ट और स्थानीय लोगों को समय रहते अलर्ट किया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को नदी के किनारे रहने वाले लोगों की पहचान करने और उनकी लिस्ट तैयार करने का भी निर्देश दिया।
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इसके अलावा, उन्होंने कंस्ट्रक्शन के काम के लिए खोदी गई सड़कों की तुरंत मरम्मत करने का आदेश दिया और चेतावनी दी कि अगर विभाग की लापरवाही के कारण कोई दुर्घटना होती है, तो संबंधित अधिकारी और काम करने वाली एजेंसी की जिम्मेदारी तय करते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को यह भी निर्देश दिया कि वे दूर-दराज के इलाकों में रहने वाली और एक हफ्ते से 10 दिन के भीतर डिलीवरी की उम्मीद वाली गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित जगहों या अस्पतालों के पास शिफ्ट करने का इंतजाम करें, ताकि इमरजेंसी के समय कोई परेशानी न हो।
इससे पहले, उन्होंने आपदा कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया और बारिश से जुड़ी व्यवस्थाओं, कम्युनिकेशन सिस्टम और आपदा की तैयारी की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि कंट्रोल रूम 24 घंटे चालू रहना चाहिए और कोई भी जानकारी मिलने पर तुरंत और असरदार कार्रवाई की जानी चाहिए।