Dehradun: दिगंबर हत्याकांड का खुलासा; ढाई लाख रुपये को लेकर हुआ था विवाद, तीन दोस्तों ने पीट-पीटकर मार डाला
दिगम्बर धीमान की गुमशुदगी थाना बसंत विहार में दर्ज कराई थी। उसके बाद सामने आया कि वह पार्टी में गाया था, तभी से पुलिस मामले की जांच में लगी थी। आज पुलिस ने मामले का खुलासा कर दिया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नेहरू कॉलोनी थाना क्षेत्र में हुए दिगंबर धीमान हत्याकांड का रविवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया। दिगंबर ने दोस्तों से ढाई लाख रुपये उधार लिए थे। दोस्त यही पैसे वापस करने का दबाव बना रहे थे। इसीलिए उन्होंने नौ फरवरी को दिगंबर को एक घर में बुलाया फिर अंदर बंदकर मारपीट की।
इस दौरान लोहे की रॉड से उसके सिर पर वार कर दिया। इससे दिगंबर की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए टैक्सी बुक की और लाश जंगल में रेत में दबा आए। पुलिस ने टैक्सी चालक राजनंदन निवासी पटेलनगर को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। उसी की निशानदेही पर चिडि़यापुर के जंगल से शव बरामद कर लिया था। एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि 11 फरवरी को दिगंबर के पिता संतराम धीमान ने बसंत विहार थाने में अपने बेटे की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। बताया था कि बसंत विहार थाने में पंजीकृत एक मामले में कोर्ट की तारीख से लौट के आने के बाद कहीं चला गया था।
पिता ने उसके कुछ दोस्तों पर शक जताया था जिनके साथ अक्सर बैठकर दिगंबर खाता-पीता था। जांच के दौरान पुलिस को दिगंबर के साथियों के एक साथ रात में टैक्सी से जाने की सूचना मिली। पुलिस ने टैक्सी की जानकारी प्राप्त करते हुए 17 फरवरी को उसके चालक राजनंदन निवासी न्यू पटेलनगर को हिरासत में लिया। उससे सख्ती से पूछताछ की गई तो उसके नौ फरवरी की रात में टैक्सी से एक व्यक्ति के शव को कंबल में लपेटकर चिड़ियापुर के जंगल में ले जाकर फेंकने की बात स्वीकार ली। उसकी निशानदेही पर पुलिस टीम ने दिगंबर के शव को बरामद करते हुए टैक्सी चालक राजनन्दन को गिरफ्तार कर लिया।
Uttarakhand: पहली जांच रिपोर्ट को अधूरी माना फिर जांच के निर्देश, कम कीमत पर लकड़ी बिक्री का मामला
इसके बाद गुमशुदगी को हत्या में तरमीम करते हुए हेमंत सेमवाल, आदिल, वैभव भट्ट उर्फ संजू के खिलाफ थाना बसंत विहार में प्राथमिकी दर्ज की गई। पूछताछ में दिगंबर धीमान के साथियों ने रेसकोर्स स्थित कमरे में उसकी हत्या किए जाने की बात कही। इसके बाद विवेचना को थाना नेहरू कालोनी स्थानांतरित किया गया। पुलिस आरोपियों की लगातार तलाश कर रही थी। शनिवार को पुलिस ने तीनों आरोपियों हेमंत सेमवाल, संजू और आदिल को आईएसबीटी के पास हरिद्वार बाईपास रोड से गिरफ्तार कर लिया। इनकी निशानदेही पर घटना में प्रयोग की गई स्टील की रॉड, लोहे के हथौड़े और मृतक को जूतों को नेपाली फार्म के पास पुल के नीचे से बरामद किया गया।
हेमंत ने पार्टी के बहाने बुलाया फिर तीनों ने मिलकर मारा
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि दिंगबर ने उनसे ढाई लाख रुपये लिए थे जो वह वापस नहीं कर रहा था। नौ फरवरी को दिगंबर के कोर्ट की तारीख में आने की जानकारी मिली, जिस पर हेमंत ने उसे रेसकोर्स सी-ब्लॉक स्थित अपने घर पर बुलाया। वहां तीनों ने दिगम्बर के साथ बैठकर नशा किया। इस दौरान उन्होंने दिगंबर से अपने पैसे वापस मांगे तो उसने आनाकानी की। इसके बाद आरोपियों ने घर में रखी लोहे की रॉड, हथौड़े और पेचकस से वार किए। इससे उसे काफी गंभीर चोटें आई और ज्यादा खून बहने के कारण उसकी मृत्यु हो गई।
15 हजार में शव ठिकाने लगाने को तैयार हो गया टैक्सी चालक
दिगंबर की मौत हो जाने के बाद हेमन्त ने अपने परिचित टैक्सी चालक रामनन्दन को टैक्सी लेकर बुलाया। उसे घटना के बारे में बताते हुए शव को ठिकाने लगाने में मदद मांगी। शुरू में आनाकानी के बाद रामनंदन 15 हजार रुपये के लालच में शव को ठिकाने लगाने के लिए तैयार हो गया। इसके बाद चारों आरोपियों ने मृतक के शव को कंबल में लपेटकर उसे गाड़ी की डिग्गी में डालकर हरिद्वार की ओर ले गए। रास्ते में आरोपी घटना में प्रयुक्त लोहे ही रॉड, हथौड़ा और मृतक के जूतों को नेपाली फार्म से आगे पुल से नीचे नदी में फेंक दिया। मृतक के शव को चिडि़यापुर के जंगलों में ले जाकर नहर किनारे रेत में दबा दिया।
तीनों आरोपियों का आपराधिक इतिहास
दिगंबर धीमान की हत्या के मामले में आरोपी तीनों युवकों का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। हेमंत सेमवाल पर नगर कोतवाली और पटेलनगर थाने में मामले दर्ज हैं। उस पर शहर कोतवाली में दर्ज मामले में बलवा, हत्या का प्रयास, घातक हथियार से लैस होकर बलवा करने जैसे गंभीर आरोप हैं। इसके अलावा पटेलनगर में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज है। आरोपी आदिल पर भी नगर कोतवाली और पटेलनगर थाना में दर्ज मामलों में हेमंत जैसे ही आरोप हैं। वहीं वैभव भट्ट उर्फ संजू पर पटेलनगर थाना में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज है।
खुलासे में लगी टीम को ढाई हजार का इनाम
एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने दिगंबर हत्याकांड के खुलासे में लगी टीम को ढाई हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की। एसपी सिटी प्रमोद कुमार के नेतृत्व में दो थानों की पुलिस के साथ ही एसओजी टीम भी इस मामले के खुलासे के लिए लगातार काम कर रही थी।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.