Dehradun: चादर गैंग का सवा लाख का इनामी शातिर चोर दिल्ली से गिरफ्तार, देशभर में चोरी को ऐसे देते थे अंजाम
गिरोह के सदस्य दुकान के बाहर चादर टांगकर अंदर चोरी को अंजाम देते हैं। बाहर उनके अन्य सदस्य खड़े रहते हैं। यदि कोई पूछता है तो कहा जाता है कि अंदर रिपेयर का काम चल रहा है।
विस्तार
एसटीएफ ने चादर गैंग के सवा लाख रुपये के इनामी शातिर चोर को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने हरिद्वार और ऊधमसिंहनगर में मोबाइल शोरूम में चोरी को अंजाम दिया था। इसके कुछ साथियों को पुलिस पहले गिरफ्तार कर चुकी है। आरोपी पर एक लाख रुपये का पुलिस मुख्यालय और 25 हजार का इनाम ऊधमसिंहनगर पुलिस ने घोषित किया था। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
Uttarakhand paper Leak: फरार भाजपा पूर्व मंडल अध्यक्ष समेत तीन आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित
एसएसपी एसटीएफ आयुष अग्रवाल ने बताया कि काफी दिनों से चादर गैंग के सदस्यों की जानकारी इकट्ठा की जा रही थी। इस गैंग ने 2018 में हरिद्वार और फिर 2019 में ऊधमसिंहनगर के रुद्रपुर में एप्पल मोबाइल स्टोर में चोरी की थी। इन घटनाओं में पुलिस ने गैंग के कई सदस्यों को गिरफ्तार किया। इसमें संतोष जायसवाल निवासी ग्राम घोड़ासन, चंपारण बिहार का नाम भी सामने आया था। यह गैंग का सरगना बताया गया था।
एसटीएफ को सूचना मिली कि संतोष नोएडा और गुरुग्राम में किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में है। इस पर एसटीएफ की टीम दिल्ली पहुंची और उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी। टीम ने रविवार को आरोपी संतोष को दिल्ली के दुर्गापुरी एक्सटेंशन से गिरफ्तार कर लिया। उसे हरिद्वार न्यायालय में पेश किया गया।
दुकान के बाहर चादर लटका देता है गैंग
इस गैंग के सदस्य चंपारण के घोड़ासन क्षेत्र के रहने वाले हैं। इसलिए गैंग को घोड़ासन गैंग भी कहा जाता है। यह गैंग पूरे भारत में चोरी की घटनाओं को अंजाम देता है। इसके सदस्य पहले महीनों तक रेकी करते हैं। इसके बाद मोबाइल फोन स्टोर आदि को चुना जाता है। गिरोह के सदस्य दुकान के बाहर चादर टांगकर अंदर चोरी को अंजाम देते हैं। बाहर उनके अन्य सदस्य खड़े रहते हैं। यदि कोई पूछता है तो कहा जाता है कि अंदर रिपेयर का काम चल रहा है।
नेपाल में बेचते हैं मोबाइल, नहीं हो पाते ट्रैक
आरोपी चोरी के बाद मोबाइलों को नेपाल में बेच देते हैं। ऐसे में चोरी किए गए मोबाइल पुलिस सर्विलांस की मदद से भी ट्रैक नहीं कर सकती है। गिरोह के सदस्यों का एक ठिकाना नहीं है। ऐसे में इनके बारे में ज्यादा जानकारी भी नहीं मिल पाली। विभिन्न राज्यों की पुलिस को इस चादर गैंग के सदस्यों की तलाश है।