सबसे बड़ी ATM क्लोनिंग का मोस्ट वांटेड क्रिमिनल गिरफ्तार, 121 खातों में इस तरह लगाई थी चपत
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एटीएम कार्डों का डाटा चोरी कर खातों से रकम उड़ाने के मामले में मोस्ट वांटेड साइबर क्रिमिनल्स पुलिस के चक्रव्यूह में फंस गए हैं। सूत्रों के अनुसार सरगना रामबीर समेत तीन आरोपियों को पकड़ लिया गया है, मगर अधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। पांच-पांच हजार के तीनों आरोपियों से गोपनीय स्थान पर पूछताछ चल रही है।
जुलाई में इन साइबर क्रिमिनल्स ने दून के चार एटीएम से डाटा चुराकर करीब 121 खातों से 45 लाख रुपये की रकम निकाल ली थी। पहला मामला 14 जुलाई को सामने आया था। तब से अब तक इन ठगों के शिकार हुए कई लोग सामने आ चुके हैं।
एसटीएफ और पुलिस की संयुक्त टीमों ने गिरोह के सरगना रामबीर, जगमोहन निवासी बिरहाना झज्जर और सुनील निवासी रोहतक को चिन्हित किया था। ये तीनों तो हाथ नहीं आए थे, पर पुलिस ने रामबीर की महिला मित्र अनिल कुमारी को गिरफ्तार कर लिया था।
इस तरह लगाई थी चपत
19 लाख से अधिक की नकदी बरामद करने के साथ 33 लाख रुपये खातों में सीज किए गए थे। तीनों आरोपियों पर पांच-पांच हजार रुपये का पुरस्कार घोषित है। पुलिस ने एक सप्ताह पहले आरोपियों के घरों पर कुर्की के नोटिस भी चस्पा किए थे।
एसटीएफ और पुलिस टीम कई दिन से इन साइबर क्रिमिनल्स के पीछे लगी थी। रविवार को नेहरू कॉलोनी थाना प्रभारी राजेश शाह को भी हरियाणा बुलाया गया था। सूत्रों का दावा है कि साइबर मुख्य आरोपी रामबीर, जगमोहन और सुनील को पकड़ लिया गया है।
इन तीनों को दून लाकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस उनकी गिरफ्तारी दिखाने में जल्दबाजी नहीं करना चाहती है। पुलिस का मकसद गिरोह की जड़ों तक पहुंचना है। मसलन, एटीएम से डाटा चोरी कर रकम उड़ाने के मामले में इनके साथ और कौन-कौन शामिल थे? इन्होंने कहां-कहां वारदात को अंजाम दिया? गिरोह का काम करने का तरीका क्या है? आदि।
हालांकि अधिकारिक तौर पर उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हो पाई है। इस बारे में जब एसटीएफ की एसएसपी रिधिम अग्रवाल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि अभी कुछ भी कहना मुमकिन नहीं है।