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देहरादून: लेखा परीक्षा सेवा संघ ने दी आमरण अनशन की चेतावनी, 23 जून तक का दिया अल्टीमेटम
Wed, 17 Jun 2020 11:35 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Wed, 17 Jun 2020 11:35 PM IST
सार
- शासन को दिया 23 जून तक का अल्टीमेटम, अभी तक ज्येष्ठता सूची नहीं हुई जारी
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विस्तार
प्रमोशन पर अभी तक फैसला न होने से नाराज उत्तराखंड लेखा परीक्षा सेवा संघ ने 23 जून तक का अल्टीमेटम देते हुए आमरण अनशन की चेतावनी दी है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पांडे ने शासन को लिखे पत्र में कहा है कि निदेशालय के स्तर से ज्येष्ठता सूची शासन को 25 फरवरी को भेजी जा चुकी है। शासन स्तर पर अभी तक अंतिम ज्येष्ठता सूची जारी नहीं की गई है।
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एकीकरण नियमावली 2019 के तहत ज्येष्ठता सूची जारी न होने से अपर निदेशक, संयुक्त निदेशक और उप निदेशक के पद भी खाली पड़े हैं। इसी को देखते हुए संघ ने मांग की थी कि पहले ऊपर के पद भरे जाएं। इससे नीचे के पदों पर प्रमोशन की राह खुल जाएगी और सभी लोगों का प्रमोशन हो पाएगा। उच्च पदों पर प्रमोशन न होने के कारण लेखा परीक्षा अधिकारी के 28 पदों पर केवल 16 के प्रमोशन की ही कार्यवाही की जा रही है।
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इसमें भी खासा समय लग रहा है और इससे अधिकारियों को अब वन टाइम प्रमोशन से वंचित होने का खतरा नजर आने लगा है। इसी समस्या को देखते हुए उत्तराखंड लेखा परीक्षा सेवा संघ ने 23 जून तक का अल्टीमेटम दिया है। पांडे का कहना है कि इसके बाद संघ की ओर से निदेशालय परिसर में आमरण अनशन शुरू कर दिया जाएगा। संघ ने यह पत्र मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, एसीएस कार्मिक आदि को भी भेजा है।
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जबरन न भेजी जाए ऑडिट टीम
उत्तराखंड लेखा परीक्षा सेवा संघ ने शासन से यह भी आग्रह किया है कि कोविड-19 को देखते हुए असुविधा महसूस करने वाली ऑडिट टीमों को जिलों में न भेजा जाए। पूर्व में यह ऑडिट कार्यक्रम कोविड-19 संक्रमण को देखते हुए 15 जून तक के लिए स्थगित किया गया था। संघ का कहना है कि संक्रमण के कारण अभी तक हालात पूरी तरह से सामान्य नहीं हुए हैं। ऐसे में जिन टीमों को असुविधा महसूस हो रही हो, उन्हें जबरन ऑडिट करने न भेजा जाए।