देहरादून के इस युवा की मेहनत से देश में बना बड़ा कानून, अब आपका बच्चा रहेगा सुरक्षित
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देहरादून के दूधली गांव निवासी आरटीआई कार्यकर्ता अजय कुमार की पहल से देश में एक बड़ा कानून बना है। उनकी पहल के बाद पीएमओ के निर्देश पर एफएसएसएआई ने खाद्य पदार्थों के पैकेटों में आने वाले खिलौनों को अनसेफ फूड माना है। इसमें छह माह से आजीवन कैद और एक लाख से दस लाख तक का जुर्माना है।
एफएसएसएआई ने 22 जुलाई को सभी प्रदेशों के खाद्य आयुक्तों को आदेश जारी किया है। जिसमें कहा गया है कि खाने-पीने की चीजों में बच्चों को लुभाने के लिए प्लास्टिक खिलौने डाले जाने वाले खाद्य पदार्थों को अनसेफ फूड की कैटेगरी माना जाए। ऐसे उत्पादों पर कार्रवाई की जाए।
अजय खुद पीएमओ गए
आरटीआई कार्यकर्ता अजय कुमार ने आंध्र प्रदेश के गोदवरी जिले में इलुरानगर में ऐसे एक खिलौने को निगलने पर चार साल के बच्चे की मौत पर 13 नवंबर 2017 को पीएमओ को चिट्ठी लिखी थी। पीएमओ से 4 जनवरी 2018 एफएसएसएआई को प्रकरण की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
अजय खुद 19 जुलाई को पीएमओ गए और इस पर नियम बनाने की मांग की। जिसके बाद पीएमओ के निर्देश पर 22 जुलाई को देश भर के आयुक्तों को प्लास्टिक खिलौने डाले जाने वाले खाद्य पदार्थों को अनसेफ फूड की कैटेगरी में मानकर कार्रवाई करने के आदेश दिए।