छलका परिकर का दर्द, 'ट्रेनिंग, अच्छा हथियार जो चाहे ले लो पर शहादत कम हो'
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रक्षा मंत्री मनोहर परिकर ने सीमा पर क्रास बार्डर फायरिंग और आतंकवादी हमलों में भारतीय सेना की बढ़ती ‘बैटल कैज्युल्टी’ पर चिंता जताई है। परिवर्तन यात्रा के समापन पर देहरादून पहुंचे परिकर ने टपकेश्वर मंदिर मैदान में आयोजित जनसभा में कहा कि शहादत से एक तरफ गर्व होता है, लेकिन दूसरी तरफ ठेस भी बहुत पहुंचती है।
सैन्य अभियानों में सैनिकों की शहादत कम करने को लेकर रक्षा मंत्रालय की रणनीति को साझा करते हुए परिकर ने कहा कि अच्छी ट्रेनिंग, अच्छा हथियार जो चाहिए ले लो, लेकिन शहादत कम से कम हो।
अपनी शहादत से बड़ा काम दहशतगर्दों को खत्म करना है। चुनावी रैली होने के चलते उन्होंने वन रैंक वन पेंशन की उपलब्धि गिनाने के साथ प्रदेश सरकार को भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी घेरा।
'सरहद के रखवाले तो जांबाज सैनिक हैं, मै तो...'
रक्षा मंत्री ने कहा कि उन्हें सेना को सशक्त करने का जिम्मा सौंप रखा है, जिसे बेहतर ढंग से निभाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में शायद ही कोई घर हो जहां से कोई सेना में न गया हो, इस लिहाज से साफ है कि सरहद के रखवाले यहां के जांबाज सैनिक हैं। मैं तो केवल उनका प्रतिनिधित्व करता हूं।
चालीस वर्ष पुरानी ओआरओपी की मांग को हमने केंद्र में आते ही पूरा करने का फैसला लिया था। देश में 25 लाख पूर्व सैनिक हैं। इतनी बड़ी संख्या होने के चलते कुछ दिक्कतें आना स्वाभाविक हैं।
7500 करोड़ रुपये हर वर्ष इस पर खर्च आएगा, जबकि 11 हजार करोड़ रुपये एरियर भुगतान में दिए जा रहे हैं। जो थोड़ी बहुत कमी आ रही है, उसे जस्टिस रेड्डी कमीशन की रिपोर्ट आने के बाद दूर कर दिया जाएगा।
'टीवी की क्लिप से हो जाता है सीएम की छवि का अंदाजा'
रक्षा मंत्री ने प्रदेश सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने विकास की ओर कोई ध्यान नहीं दिया, जिसके चलते सेना में जाना युवाओं के लिए एकमात्र विकल्प बचा है। पर्यटन के क्षेत्र में अपार संभावनाओं पर प्रदेश सरकार कुछ नहीं कर पाई। सरकार केवल पैसा बनाने में लगी है।
इससे पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और चुनाव प्रभारी जेपी नड्डा ने कहा कि केंद्र में अब तक रही कांग्रेस सरकार ने देश की छवि घुटने टेकने वाली, दब्बू और भ्रष्ट राष्ट्र की बना रखी थी, लेकिन मोदी सरकार आने के बाद दुनिया के परिदृश्य में भारत आगे बढ़ता दिख रहा है।
जब उत्तराखंड प्रदेश की बात करते हैं तो परिवहन, आबकारी, खनन, नियुक्तियां जैसे कई घोटाले सामने आते हैं। उत्तराखंड में जो सीएम हैं, उनकी छवि का अंदाजा टीवी पर दिखाए गए विधायकों के खरीद फरोख्त की क्लिप से लग जाता है।
'जनता के पैसे लूटने वाली सरकार का बदलना जरूरी'
उन्होंने कहा कि जो जनता के पैसे की लूट हो रही है, ऐसी सरकार को बदलना जरूरी है। परिवर्तन सिर्फ सत्ता का नहीं, सिर्फ नेताओं का नहीं, बल्कि राजनीतिक संस्कृति का परिवर्तन लाना है।
जनसभा की अध्यक्षता लेफ्टिनेंट जनरल राम प्रधान (रि) ने की, जबकि मंच पर पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद बीसी खंडूड़ी, भगत सिंह कोश्यारी, विजय बहुगुणा, रमेश पोखरियाल निशंक, सांसद राज्यलक्ष्मी शाह, यात्रा संयोजक बलराज पासी, प्रदेश महामंत्री खजान दास, विधायक गणेश जोशी, मदन कौशिक, मेयर विनोद चमोली, पूर्व विधायक हरक सिंह, सतपाल महाराज, प्रदेश उपाध्यक्ष ज्योति प्रसाद गैरोला, हिमानी शिवपुरी, महानगर अध्यक्ष उमेश अग्रवाल आदि मौजूद रहे।