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जहरीली शराब प्रकरण: पुलिस की पकड़ में आरोपी, सामने आया एक भाजपा नेता का नाम

Sun, 22 Sep 2019 09:21 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sun, 22 Sep 2019 09:21 AM IST
सार

  • पुलिस ने पंचायतनामे के बाद शवों को पोस्टमार्टम को भेजा

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death due to poisonous liquor medical board does postmortem
पुलिस हिरासत में गौरव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जहरीली शराब के सेवन से हुई छह लोगों की मौत के मामले में आरोपी गौरव को आज पुलिस ने खुड़बुड़ा से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी गौरव ने पूछताछ में बताया कि वह ठेके के अलावा भाजपा करनपुर मंडल के उपाध्यक्ष अजय सोनकर उर्फ घोंचू और राजा नेगी से शराब खरीदकर होम डिलीवरी करता था। वह 85 रुपए में शराब खरीदकर 100 रुपए में बेचता है। राजा नेगी शराब तस्करी के आरोप में जेल भी जा चुका है। आरोपी के आपराधिक इतिहास की जानकारी ली जा रही है।

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वहीं जहरीली शराब पीने से एक और युवक की तबियत बिगड़ गई है।अंशु नाम का युवक पथरिया पीर का ही रहने वाला है। उसे कल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। जिसके बाद वह आज सुबह घर आ गया था। लेकिन दोपहर बाद उसकी तबियत फिर खराब हो गई और उसे अस्पताल ले जाया गया। वहीं आज सुबह मृतकों के परिजनों के शव रखकर प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि मृतक के परिजनों को मुआवजा दिया जाए। इसके बाद ही अंतिम संस्कार करेंगे। इस मामले में आज एनएसयूआई के कार्यकर्तों ने देहरादून डीएम ऑफिस में प्रदर्शन किया और ज्ञापन सौंपा। उधर पुलिस ने रात भर शराब पीकर बीमार हुए कई अस्पतालों में भर्ती करीब सात लोगों को एम्स ऋषिकेश और मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया। 

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मौत का कारण स्पष्ट नहीं
पथरिया पीर के आकाश, सुरेन्द्र और इंदर ने शराब तो पी थी, लेकिन पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। विसरा रिपोर्ट से ही इसका राज खुल पाएगा। उधर पुलिस हर व्यक्ति की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जांच सीओ से कराई जाएगी। मसलन मरने वाला क्या किसी तरह की दवा इस्तेमाल करते थे या फिर उन्हें वायरल था। शराब के साथ उन्होंने किस तरह का खाद्य पदार्थ लिया था। 
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जिलाधिकारी के आदेशों के बाद एसडीएम सदर कमलेश मेहता ने मजिस्ट्रीयल जांच शुरू कर दी है। एसडीएम के मुताबिक इस घटना के बारे में यदि किसी के पास भी कोई जानकारी हो तो वह उनके दफ्तर में संपर्क कर सकता है। उन्होंने बताया कि इस प्रकरण में विभागों के अधिकारियों के भी बयान दर्ज किए जा रहे हैं। 

जहरीली शराब के सेवन से हुई छह लोगों की मौत के मामले में पुलिस ने शुक्रवार को मरने वाले तीनों शवों को कब्जे में ले लिया। आज मेडिकल बोर्ड से शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा, तब जाकर मौत की वजह सामने आ पाएगी। पुलिस ने देर रात शराब पीकर मरने वाले इंदर, सुरेन्द्र और आकाश के शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। पोस्टमार्टम के बाद ही मौत की वजह साफ हो पाएगी। दरअसल, बृहस्पतिवार को तीनों लोगों की मौत के बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया था।

एसएसपी अरुण मोहन जोशी के मुताबिक शराब पीकर मरने वालों का पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड से कराया जाएगा, ताकि शक की कोई गुजाइंश ना रहे। अब तक की जांच में गौरव आदि के कनाट पैलेस के देसी ठेके से शराब खरीदकर बेचने की बात सामने हो रही है। यह कहना अभी मुश्किल है कि गौरव ठेेके से ली गई शराब में किसी तरह की मिलावट करता था या नहीं। यह सब जांच में ही सामने हो पाएगा।  

दोषियाें को बख्शा नहीं जाएगा 
शराब के सेवन से छह लोगों की मौत बेहद गंभीर मामला है। इस मामले में जो भी अधिकारी और कर्मचारी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी को पूरे मामले की तह तक जाकर कार्रवाई करने को कहा गया है। 
- अशोक कुमार, पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था

पथरिया पीर में मातम का माहौल, नहीं जले घरों में चूल्हे

पथरिया पीर में 48 घंटे में छह लोगों की मौत से मातम का माहौल होने के कारण पूरी गली में चूल्हे नहीं जले है। मरने वालों के घरों पर लोगों का जमघट लगा है, जो शराब बेचने वालों को कोस रहे हैं। परिवार के मुखिया के जाने के कारण कई घरों में तो रोजी-रोटी का संकट गहरा गया है। इंदर का इकलौता बेटा अनाथ हो गया है। मां पहले ही उसे छोड़कर जा चुकी है। 

मौत के मुंह में गए तमाम लोग शराब की लत का शिकार थे। रिटायर्ड फौजी शरण को छोड़कर मरने वाले लोग प्राइवेट जॉब अथवा दहाड़ी मजदूरी करते थे। सुरेन्द्र चौहान पुताई का काम कर अपने परिवार का पालन पोषण करता था। इंदर एक होटल में बर्तन सफाई करता था। उसकी पत्नी पहले ही चल बसी थी।

इंदर अपने इकलौते बेटे को बिलखता छोड़ गया है। आकाश की तो हाल में ही शादी हुई थी, लेकिन शराब की लत उसकी जिंदगी पर भारी पड़ गई। राजेन्द्र भी प्राइवेट जॉब कर परिवार चला रहा था। उसके चार बच्चे बताए गए है। लल्ला भी शादी शुदा था। इनकी मौत परिवार पर कहर बनकर टूटी है। इनके घरों में कोहराम मचा है। 

प्रदर्शनकारियों ने आरोपी की बहन को छुड़ाया, सीओ ने जड़ा थप्पड़

शराब बेचने के आरोपी के घर हंगामे के बीच पुलिस ने उसकी मां और बहन को हिरासत में लिया। पुलिस जैसे ही आगे बढ़ी तो कुछ महिलाओं और पुरुषों ने आरोपी की बहन को ले जाने पर हंगामा कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था भाई के कृत्य की सजा बहन को क्यों दी जाए? इस पर कुछ लोगों ने युवती को जबरन पुलिस से छुड़ा लिया। इससे नाराज सीओ सदर ने एक युवक को थप्पड़ जड़ दिया, तब जाकर लोग पीछे हटे। उसके बाद पुलिस बहन को छोड़कर आरोपी की मां को साथ ले गई।

पथरिया पीर इलाके में अवैध रूप से शराब बेचने वालों के खिलाफ आसपास के लोगों में गुस्सा है। शुक्रवार को छह लोगों की मौत से गुस्साए लोगों ने शराब बेचने के आरोपी गौरव के घर में घुसने का प्रयास किया। इसी दौरान गौरव की मां और प्रदर्शन में शामिल कुछ महिलाओं में नोक-झाेंक हो गई। प्रदर्शनकारी जबरन उनके घर में घुसने लगे। लेकिन, पहले से जांच के लिए मौके पर पहुंची पुलिस उनके आगे खड़ी हो गई। बाद में महिला पुलिस को बुलाकर आरोपी की मां-बहन को अभिरक्षा में लेकर पुलिस चल दी।

घर की तलाशी में नहीं मिली शराब

रास्ते में कुछ प्रदर्शनकारी महिलाओं और पुरुषों ने पुलिस को रोक लिया। मांग की आरोपी गौरव के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। लेकिन, इसमें बहन का कोई दोष नहीं है। उसकी शादी होने वाली है। उसे छोड़ दिया जाए। काफी देर तक इसी बात को लेकर प्रदर्शनकारियों और पुलिस में नोक-झाेंक होती रही। आखिर महिलाएं युवती को पुलिसकर्मियों से जबरन छुड़ा ले आई। इससे नाराज सीओ सदर लोकजीत सिंह ने अभद्रता पर एक युवक को थप्पड़ जड़ दिया, उसके बाद प्रदर्शनकारी तितर-बितर हो गए। 

प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि गौरव घर से शराब बेचता था। ऐसे में उसके घर में शराब का स्टॉक हो सकता है। पुलिस ने दो बार घर की तलाशी ली, लेकिन कुछ नहीं मिला। शांत करने को पुलिस प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधियों को साथ ले गई थी। लोगों का आरोप था कि इस इलाके में चार लोग शराब लेकर बेचते है। अधिकांश लोग उनसे शराब लेते हैं। महिलाओं ने अन्य आरोपियों के घरों पर भी हंगामा किया। पुलिस सक्रियता के चलते आरोपी किसी तरह की तोड़फोड़ नहीं कर पाए।

शराब से मौतों पर कांग्रेस ने मांगा सीएम से इस्तीफा

जहरीली शराब से मौतों के मामले में कांग्रेस ने त्रिवेंद्र सरकार पर जोरदार हमले किए हैं। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने रुड़की के बाद दून में जहरीली शराब से मौतों को गंभीर बताते हुए सीएम से इस्तीफा मांगा है। उन्होंने कहा है कि त्रिवेंद्र सरकार हर मोर्चे पर फेल है। डेंगू से तमाम लोगों की मौत के बाद अब जहरीली शराब के कहर से साबित है कि सरकार नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। 

प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने एक बयान में कहा है कि रुड़की की घटना से सरकार ने कोई सबक नहीं लिया है। उन्होंने कहा है कि रुड़की के मामले में शराब यूपी से आने की बात कहकर लीपापोती की गई, लेकिन राजधानी में मौत होने के बाद सरकार के पास कहने के लिए क्या है? उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण के साथ ही शर्मनाक भी बताया है। उन्होंने कहा है कि यह दुर्भाग्यपूर्ण इसलिए है क्योंकि आबकारी महकमा खुद सीएम संभाल रहे हैं। इससे पहले स्वास्थ्य मंत्री रहते हुए भी वे फेल हो चुके हैं। इन स्थितियों में उन्हें अपने पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है।

दूसरी तरफ, एक बयान में कांग्रेस की प्रदेश प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने कहा है कि प्रदेश में जहरीली शराब से लोगों की मौत की वारदात की पुनरावृत्ति चिंतनीय है। ये राजनीति का विषय नहीं है लेकिन पूरे उत्तराखंड में  खुले आम अवैध शराब की बिक्री और तस्करी हो रही है। उन्होंने कहा है कि रूड़की के बाद अब देहरादून में हुई जहरीली शराब की घटना ने डबल इंजन सरकार के दावों की पोल खोल दी है। 

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