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पेंशन के साथ दिया जाए महंगाई भत्ता
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
ईपीएस-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति के बैनर तले शुक्रवार को उत्तराखंड के पेंशनरों ने ईपीएफ कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने ईपीएस-95 पेंशनरों को साढ़े सात हजार रुपये पेंशन के साथ महंगाई भत्ता समेत चार प्रमुख मांगों को दोहराया। इस दौरान मांगों को लेकर प्रधानमंत्री और केंद्रीय श्रम मंत्री को ज्ञापन भी भेजा।
ओएनजीसी, एफसीआई, बीएचईएल और उत्तराखंड परिवहन निगम के सेवानिवृत्त ईपीएस-95 पेंशनधारक शुक्रवार को समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र डंगवाल के नेतृत्व में ईपीएफ कार्यालय पर जुटे थे। पेंशनर वर्ष 2013 में कोश्यारी आयोग द्वारा दी गई रिपोर्ट लागू करने, पेंशन मद में कटौती नहीं होने पर न्यूनतम पांच हजार रुपये पेंशन, मुफ्त चिकित्सा सुविधा देने की मांग कर रहे थे। इस मांगों से संबंधित ज्ञापन प्रधानमंत्री और केंद्रीय श्रम मंत्री को ज्ञापन भी प्रेषित किया। इस अवसर पर भेल से राकेश चौहान, एफसीआई से शिवनारायण तिवारी व उत्तराखंड परिवहन निगम से संजीव डोभाल ने भी विचार व्यक्त किए।
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ईपीएस-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति के बैनर तले शुक्रवार को उत्तराखंड के पेंशनरों ने ईपीएफ कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने ईपीएस-95 पेंशनरों को साढ़े सात हजार रुपये पेंशन के साथ महंगाई भत्ता समेत चार प्रमुख मांगों को दोहराया। इस दौरान मांगों को लेकर प्रधानमंत्री और केंद्रीय श्रम मंत्री को ज्ञापन भी भेजा।
ओएनजीसी, एफसीआई, बीएचईएल और उत्तराखंड परिवहन निगम के सेवानिवृत्त ईपीएस-95 पेंशनधारक शुक्रवार को समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र डंगवाल के नेतृत्व में ईपीएफ कार्यालय पर जुटे थे। पेंशनर वर्ष 2013 में कोश्यारी आयोग द्वारा दी गई रिपोर्ट लागू करने, पेंशन मद में कटौती नहीं होने पर न्यूनतम पांच हजार रुपये पेंशन, मुफ्त चिकित्सा सुविधा देने की मांग कर रहे थे। इस मांगों से संबंधित ज्ञापन प्रधानमंत्री और केंद्रीय श्रम मंत्री को ज्ञापन भी प्रेषित किया। इस अवसर पर भेल से राकेश चौहान, एफसीआई से शिवनारायण तिवारी व उत्तराखंड परिवहन निगम से संजीव डोभाल ने भी विचार व्यक्त किए।
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