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जन्म के समय मर गया था बच्चा, एक साल बाद हुआ कुछ ऐसा कि सकते में आए लोग
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 06 Mar 2018 06:46 PM IST
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जन्म के समय जो बच्चा मर गया था, एक साल बाद वह लौट आया है। पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि बच्चा अभी भी जीवित है। स्पेशल टास्क फोर्स की जांच में यह सनसनीखेज मामला सामने आने के बाद एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। सोमवार को उन्होंने मामले में एसपी देहात सरिता डोभाल से मंत्रणा भी की।
ऋषिकेश का एक दंपति सालभर से दूसरा बच्चा पाने की चाह में भटक रहा है। दंपति ने अप्रैल 2017 में ऋषिकेश कोतवाली में तहरीर देकर बताया था कि 22 जून 2015 को सरोगेसी से जुड़वा बच्चे हुए थे। मेरठ निवासी बिचौलिए ने उस समय बताया था कि बंगाली महिला की डिलीवरी के समय जुड़वा बच्चे हुए थे, लेकिन एक की मौत हो गई।
उस समय विश्वास कर दंपति एक बच्चे को लेकर घर आ गए थे। बाद में उन्हें पता चला कि दूसरे बच्चे की मौत की कहानी सही नहीं है। दंपति ने मोबाइल पर खींची गई बच्चे की फोटो पुलिस को दिखाकर दूसरा बच्चा दिलाने की गुहार लगाई थी। तब प्रशिक्षु आईपीएस निहारिका भट्ट पर ऋषिकेश कोतवाली का कार्यभार था।
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ऋषिकेश का एक दंपति सालभर से दूसरा बच्चा पाने की चाह में भटक रहा है। दंपति ने अप्रैल 2017 में ऋषिकेश कोतवाली में तहरीर देकर बताया था कि 22 जून 2015 को सरोगेसी से जुड़वा बच्चे हुए थे। मेरठ निवासी बिचौलिए ने उस समय बताया था कि बंगाली महिला की डिलीवरी के समय जुड़वा बच्चे हुए थे, लेकिन एक की मौत हो गई।
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उस समय विश्वास कर दंपति एक बच्चे को लेकर घर आ गए थे। बाद में उन्हें पता चला कि दूसरे बच्चे की मौत की कहानी सही नहीं है। दंपति ने मोबाइल पर खींची गई बच्चे की फोटो पुलिस को दिखाकर दूसरा बच्चा दिलाने की गुहार लगाई थी। तब प्रशिक्षु आईपीएस निहारिका भट्ट पर ऋषिकेश कोतवाली का कार्यभार था।
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सरोगेसी से जन्मे दूसरे बच्चे को वापस दिलाने की गुहार लगाई
उपनिरीक्षक रियाज अहमद को मामले की जांच सौंपी गई। पुलिस बिचौलिए को मेरठ से ऋषिकेश भी ले आई थी, लेकिन सरोगेसी की पूरी प्रक्रिया और प्रावधान समझे बिना दोनों पक्षों में समझौता करा दिया गया।
इसके बाद पुलिस से निराश ऋषिकेश निवासी दंपति ने स्पेशल टास्क फोर्स की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रिद्धिम अग्रवाल से मिलकर सरोगेसी से जन्मे दूसरे बच्चे को वापस दिलाने की गुहार लगाई। एसएसपी ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच कराई।
उस समय के मोबाइल नंबरों के आधार पर पुलिस की जांच पश्चिम बंगाल में टिक गई। एसएसपी ने अपने बेंच के अधिकारियों की मदद से एक बंगाली महिला को चिह्नित किया, जिसके पास उसी उम्र का बच्चा है। एसएसपी ने मामले में अग्रिम कार्रवाई के लिए ऋषिकेश कोतवाली को मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए।
वहीं, सोमवार को एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने पुलिस अधीक्षक देहात सरिता डोभाल से मंत्रणा करने के बाद मामले में मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
इसके बाद पुलिस से निराश ऋषिकेश निवासी दंपति ने स्पेशल टास्क फोर्स की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रिद्धिम अग्रवाल से मिलकर सरोगेसी से जन्मे दूसरे बच्चे को वापस दिलाने की गुहार लगाई। एसएसपी ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच कराई।
उस समय के मोबाइल नंबरों के आधार पर पुलिस की जांच पश्चिम बंगाल में टिक गई। एसएसपी ने अपने बेंच के अधिकारियों की मदद से एक बंगाली महिला को चिह्नित किया, जिसके पास उसी उम्र का बच्चा है। एसएसपी ने मामले में अग्रिम कार्रवाई के लिए ऋषिकेश कोतवाली को मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए।
वहीं, सोमवार को एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने पुलिस अधीक्षक देहात सरिता डोभाल से मंत्रणा करने के बाद मामले में मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं।