केदारनाथ धाम में ‘डार्क टूरिज्म’ विकसित करेगी सरकार, जानिए इसके बारे में खास बातें...
वर्ष 2013 की प्राकृतिक आपदा के बाद तेजी से उबर रहे केदारनाथ धाम में सरकार ‘डार्क टूरिज्म’ को विकसित करेगी। न्यूयार्क में ग्राउंड जीरो जैसे कई उदाहरण सरकार के जेहन में हैं, जहां त्रासदी में मारे गए लोगों की स्मृति को संजोते हुए डार्क टूरिज्म की कल्पना को साकार किया गया है। सरकार की मंशा केदारनाथ में स्मृति वन बनाने की है, जहां पर आकर लोग उन तीर्थयात्रियों को श्रद्धांजलि दें, जो वर्ष 2013 की प्राकृतिक आपदा में मौत के शिकार हुए हैं।
सरकार इस संबंध में जल्द ही केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने जा रही है। पर्यटन, संस्कृति और तीर्थाटन मंत्री सतपाल महाराज ने सोमवार को मीडिया से बातचीत में केदारनाथ को लेकर सरकार की योजना का खुलासा किया। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि केदारनाथ आने वाला हर व्यक्ति 2013 की आपदा में मारे गए तीर्थयात्रियों को याद जरूर करें।
क्या है डार्क टूरिज्म
विदेशों में डार्क टूरिज्म (अंधेरा पर्यटन) एक जाना पहचाना विषय है। इसमें किसी त्रासदी या अप्रिय स्थिति से उपजी चीजों के साथ पर्यटन को जोड़ने की व्यवस्था सामने आती है। न्यूयार्क में आतंकवादी हमले के बाद ग्राउंड जीरो वाले स्थल को अमेरिका सरकार ने डार्क टूरिज्म के तहत विकसित किया है। वहां पर पर्यटक आते हैं और मारे गए लोगों की याद में फूल चढ़ाते हैं। इसी तरह, कंबोडिया में क्रूर शासक के स्तर पर तमाम लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया था।
इन लोगों की खोपड़ियों को एक स्थान पर रखा गया है, यहां पर भी पर्यटक बहुत बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। सरकार अपने इस नए विचार में फ्रांस के आर्डर सुर ग्लेन, इटली की पम्पी जैसे स्थलों में डार्क टूरिज्म के उदाहरणों से भी प्रेरित हो रही है।
दिव्य शिला, ध्यान गुफा खींच रही ध्यान
वर्ष 2013 की प्राकृतिक आपदा के बाद केदारनाथ में उस दिव्य शिला को लोग जरूर देखते हैं, जिसने सैलाब आने पर मंदिर की रक्षा की थी। इस विशालकाय शिला के मंदिर के पीछे अड़ जाने से पानी का बहाव दूसरी तरफ चला गया था और मंदिर सुरक्षित रहा था।
सरकार ने इसे दिव्य शिला के तौर पर अलग से हाईलाइट किया है। इसी तरह, पिछले दिनों पीएम नरेंद्र मोदी ने जिस गुफा में ध्यान साधना में समय बिताया, उसे भी देखने के लिए लोग आ रहे हैं। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के अनुसार, सरकार इसी तरह, डार्क टूरिज्म के तहत स्मृति वन विकसित करने की दिशा में भी आगे बढे़गी।