कांवड़ियों की स्पीड जानकार दंग रह जाएंगे आप
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हाईवे पर अब भाग भोले भाग की आवाज गूंजने लगी है। डाक कांवड़ नान स्टॉप हरिद्वार से दिल्ली की दूरी 40 घंटे में तो राजस्थान की दूरी 72 घंटे तक तय करेगी।
निर्धारित समय में जल लेकर पहुंचने की यह बाध्यता में हाईवे पर नियम कानून की चिंता छोड़ कांवड़ियों को सारा ध्यान बस भागमभाग पर रहेगा। कम समय और अधिक दूरी का अंतर कम करने में शिवभक्त जान की बाजी तक लगा देते हैं।
अब डाक कांवडियों को भागमभाग शुरू हो गई है। सोमवार से बृहस्पतिवार रात तक हाईवे पर डाक कांवड़ियों का कब्जा रहेगा। हरिद्वार से दिल्ली जल लेकर जाने वाले डाक कांवडिये 40 घंटे और राजस्थान की दूरी 72 घंटे में तय करेंगे।
कांवडियों की ‘मैराथन’ के आगे पुलिस बेबस
दिल्ली की दूरी 210 किमी है। अमूमन एक आदमी एक घंटे में पांच किमी से अधिक की दूरी तय करता है। ऐसे में दिल्ली की दूरी के लिए डाक कांवड़िये 36 से 40 घंटे का लक्ष्य लेकर चलते है।
इसके अलावा चंडीगढ़, अंबाला, नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ आदि की दूरी भी निर्धारित समय में तय करने का डाक कांवड़ियों का लक्ष्य है। पुलिस भी डाक कांवडियों के मैराथन के आगे बेबस नजर आ रही है।
वहीं हाईवे पर अंधाधुंध दौड़ रहे डाक कांवड़ के वाहनों से लोगों की सांस भी अटकी है। एसपी देहात प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि पटरी से सभी पुलिसकर्मियों को हटाकर हाईवे पर तैनात किया है।
कुछ चलते है भोले की मर्जी से
डाक कांवड़ियों के वाहन पर मंजिल का नाम और निर्धारित समय में पहुंचने की अवधि अंकित होती है। वहीं कुछ डाक कांवड़िये ऐसे भी होते है जो कि समय की बाध्यता के अनुसार नहीं चलते।
उनके बैनर पर मंजिल का नाम तो होता है, लेकिन समय की जगह भोले की मर्जी होती है। यानी उन्हें अपनी मंजिल तक पहुंचने में कितने ही घंटे लगे। ऐसे डाक कांवडिये आपाधापी से बचते हैं।