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Cycle Yatra 2022: गाजियाबाद पहुंचे डॉ. अनिल जोशी, बोले- पारिस्थितिकीय तंत्र में बदलाव पर चिंतन करने की जरूरत
Fri, 04 Nov 2022 09:01 PM IST
रेनू सकलानी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: रेनू सकलानी
Updated Fri, 04 Nov 2022 09:01 PM IST
सार
साइकिल यात्रा का नेतृत्व कर रहे डॉ. जोशी ने स्थानीय लोगों से संवाद कर प्रकृति को बचाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हम सरकारों को दोषी मानते हैं। जब हम सरकार बनाते हैं तो हम क्या आधार बनाते हैं। हम पार्टियों को आधार बनाते हैं लेकिन हमने प्रकृति को कभी भी अपना आधार नहीं बनाया।
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डॉ अनिल जोशी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पर्यावरणविद् पद्मभूषण डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने कहा कि पारिस्थितिकीय तंत्र में हो रहे बदलाव पर चिंतन करने की जरूरत है। हम वर्तमान में चिंता न भी करें, लेकिन भविष्य में इसकी चिंता करें। ये भी बहुत बड़ा सच है कि प्रकृति हमसे बहुत रुष्ट हो चुकी है।
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मुंबई से शुरू हुई प्रगति से प्रकृति पथ तक साइकिल यात्रा 34वें दिन शुक्रवार को गाजियाबाद पहुंची। यात्रा का नेतृत्व कर रहे डॉ. जोशी ने स्थानीय लोगों से संवाद कर प्रकृति को बचाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हम सरकारों को दोषी मानते हैं। जब हम सरकार बनाते हैं तो हम क्या आधार बनाते हैं। हम पार्टियों को आधार बनाते हैं लेकिन हमने प्रकृति को कभी भी अपना आधार नहीं बनाया।
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उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान में मैंने एक बात देखी है कि भारत बदल गया है। यहां लंबी चौड़ी सड़कें व फ्लाईओवर हैं। जिनमें स्वाभाविक है कि रफ्तार भी बढ़ी और भीड़ भी। जिसके कारण भय भी था कि साइकिल में सफर कहीं कष्ट न दे लेकिन हम प्रकृति के दृष्टिकोण से देश को जानना चाहते थे।
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हमारी यात्रा का येे भी एक संदेश था कि प्रगति चाहिए तो प्रकृति भी चाहिए। जोशी ने कहा कि आज कोई भी घर ऐसा नहीं होगा, जहां पीने के पानी के लिए प्यूरिफायर न लगा हो। आने वाले समय में सभी घरों में एयर प्यूरीफायर की आवश्यकता हो जाएगी। प्रकृति ने ये सभी व्यवस्थाएं हमें फ्री में उपलब्ध कराई थीं। इसका हमने बाजार बना दिया।