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सावधान! ONGC की वेबसाइट पर नौकरी का फर्जीवाड़ा

Sat, 04 Apr 2015 11:08 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 04 Apr 2015 11:08 AM IST
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cyber fraud hacked ongc website.

हाईप्रोफाइल ठग गिरोह ने ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) की वेबसाइट हैक कर फर्जी वेबसाइट बना डाली।

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इस वेबसाइट पर ओएनजीसी के कई महत्वपूर्ण लिंक साझा करने के साथ युवाओं को नवरत्न कंपनी में बड़े पदों पर नौकरी देने का लालच दिया जा रहा था। नौकरी के नाम पर लाखों रुपए मांगे जा रहे थे। मामला खुलते ही ओएनजीसी अधिकारियों में हड़कंप मच गया।

कॉरपोरेशन की ओर से अज्ञात पर मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। ओएनजीसी की आधिकारिक वेबसाइट में कॅरियर नाम से लिंक होता है। कॉरपोरेशन का मानव संसाधन विभाग इस लिंक पर विज्ञप्ति जारी करता है। कोई पद खाली न होने पर यहां कोई विज्ञप्ति नहीं आती।
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हाल में एक युवक के पिता ने अपने परिचित ओएनजीसी अधिकारी को बताया कि उनके बेटे ने वेबसाइट पर नौकरी का विज्ञापन देखा था। अधिकारी ने मानव संसाधन विभाग से संपर्क के बाद लंबे समय से कोई विज्ञप्ति जारी न होने की बात कही तो युवक के पिता के पैरों तले जमीन खिसक गई।
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उन्होंने बताया कि वेबसाइट पर कुछ नंबर भी दिए गए थे, उन पर संपर्क किया गया तो नौकरी देने के नाम पर लाखों रुपये मांगे गए। यह सुनते ही अधिकारी सकते में आ गए।

जांच कराई गई तो मालूम हुआ कि किसी ने वेबसाइट हैक कर कॅरियर लिंक के भीतर अपनी वेबसाइट का लिंक दे दिया था। इस पर क्लिक करते ही ओएनजीसी की फर्जी वेबसाइट खुलती थी, जहां कॉरपोरेशन में निचले कर्र्मचारी से लेकर अधिकारी स्तर तक के पदों पर भर्ती खोली गई थी।

साइबर विशेषज्ञों की मदद से हो रही जांच

cyber fraud hacked ongc website.

आशंका है कि अब तक कई युवा इस फर्जीवाड़े का शिकार हो चुके होंगे। हालांकि, अभी एक ही मामला प्रकाश में आया है। इसमें भी रकम देने से पहले संबंधित व्यक्ति ने अधिकारी से तस्दीक कर ली थी।

मामले में ओएनजीसी के एचआर मैनेजर डीजीएम (आईई) आईसी जोजेफ राज की तरफ से कैंट कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया है। एसपी सिटी अजय सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। इस संबंध में साइबर विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है।

आवेदन से पूर्व रखें ध्यान
फर्जी वेबसाइट में अखिल भारतीय स्तर पर 450 जूनियर क्लर्क और इतने ही चतुर्थ श्रेणी पदों पर नियुक्ति दिखाई गई थी। ओएनजीसी कभी इन पदों पर अखिल भारतीय स्तर पर नियुक्ति नहीं करता।

निगम के देशभर में मौजूद कार्यालयों में जहां जरूरत होती है, वहीं पद भरे जाते हैं। इसके अलावा किसी भी स्तर के पद के लिए उम्रसीमा तय नहीं थी। हर पद के लिए अलग-अलग शुल्क (हजारों में) भी मांगा गया था। ओएनजीसी में किसी भी पद पर आवेदन के लिए र्कोई शुल्क नहीं मांगा जाता।

साइबर थाने को मिल सकती है पहली जांच
ओएनजीसी की तरफ से दर्ज हुआ मुकदमा साइबर क्राइम थाने को मिल सकता है। थाने के लिए तय मानकों के अनुसार साइबर धोखाधड़ी के सात लाख रुपए से अधिक के मुकदमे इस थाने को सौंपे जाएंगे।

एसपी सिटी अजय सिंह ने बताया कि अभी पुलिस ही जांच कर रही है। लेकिन अगर यह साफ हुआ कि धोखाधड़ी सात लाख से अधिक की है तो मुकदमा कैंट थाने से साइबर थाने को दिया जाएगा।

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