Cyber Crime: ट्रेडिंग सर्टिफिकेट के नाम पर लिया खाता, दो करोड़ से अधिक का किया संदिग्ध लेनदेन
मई 2025 में आरोपी ने पीड़ित को नोएडा बुलाया और अंतरराष्ट्रीय ट्रेडिंग सर्टिफिकेट बनवाने का बहाना बनाकर उसका सिम कार्ड, करंट अकाउंट की चेकबुक, डेबिट कार्ड, ई-मेल आईडी और पासवर्ड अपने कब्जे में ले लिया।
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साइबर अपराधियों ने ट्रेडिंग और ऑनलाइन बिजनेस का झांसा देकर एक युवक से धोखाधड़ी की। ट्रेडिंग सर्टिफिकेट के नाम पर खाता लिया और उसमें दो करोड़ नौ लाख का संदिग्ध लेनदेन किया। न्यायालय के आदेश पर साइबर थाने में आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई।
मंदाकिनी विहार, कंडोली निवासी लवी चौधरी ने न्यायालय में दायर प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि उसकी मुलाकात सुधीर कुमार मलिक ने दया कृष्ण चंद्र पनेरू से कराई थी। पनेरू ने बेबी केयर प्रोडक्ट, खिलौनों और स्टॉक ट्रेडिंग का व्यवसाय कराने का भरोसा दिया तथा रेजरपे पर खाता खुलवाने के नाम पर उससे करीब 18 हजार रुपये जमा करवाए। आरोप है कि उसने 20 हजार रुपये नकद भी लिए।
मई 2025 में आरोपी ने उसे नोएडा बुलाया और अंतरराष्ट्रीय ट्रेडिंग सर्टिफिकेट बनवाने का बहाना बनाकर उसका सिम कार्ड, करंट अकाउंट की चेकबुक, डेबिट कार्ड, ई-मेल आईडी और पासवर्ड अपने कब्जे में ले लिया। साथ ही मोबाइल कॉल को दूसरे नंबर पर डायवर्ट कराने को कहा। भरोसे में आकर लवी ने सभी दस्तावेज और जानकारी आरोपियों को दे दी।
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आरोप है कि इसके बाद आरोपियों ने उसके खाते और सिम का दुरुपयोग करते हुए करीब दो करोड़ नाै लाख 29 हजार रुपये की संदिग्ध ट्रांजेक्शन कर दीं। ट्रांजेक्शन के बाद डेबिट कार्ड और चेकबुक को अस्थायी रूप से ब्लॉक भी करवा दिया गया, जिससे उसे गतिविधियों की जानकारी नहीं मिल सकी। उन्हें मध्य प्रदेश के इंदौर साइबर सेल से समन जारी हुआ।
जब उन्होंने आरोपियों से संपर्क करने का प्रयास किया तो उन्होंने फोन उठाना बंद कर दिया। बाद में वह आरोपी के हल्द्वानी स्थित घर भी पहुंचा, जहां ताला लगा मिला। एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर साइबर पुलिस मामले की जांच कर रही है।