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सड़क निर्माण रोकने पर महिला प्रधान, पूर्व प्रधान को जेल

Wed, 25 Jan 2017 01:22 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, थराली
ब्यूरो/ अमर उजाला, थराली Updated Wed, 25 Jan 2017 01:22 AM IST
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woman pradhan and ex pradhan sent to jail.
कोर्ट - फोटो : file photo

सड़क निर्माण को लेकर रैंस और चोपता गांवों के विवाद मामले में कोर्ट ने रैंस की ग्राम प्रधान रजनी देवी और पूर्व प्रधान अवतार सिंह की जमानत याचिका खारिज करते हुए दोनों को जेल भेज दिया। मामले में अन्य पांच आरोपियों के कोर्ट में पेश न होने पर उनके खिलाफ भी गैर जमानती वारंट जारी किए गए हैं।

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सिविल जज प्रथम श्रेणी अशोक कुमार की अदालत में मंगलवार को परखाल-केदारकोट से चोपता गांव तक जाने वाली सड़क निर्माण के विवाद के मामले में सुनवाई हुई।

अभियोजन पक्ष और सरकारी अधिवक्ता विंध्येश्वरी प्रसाद टम्टा ने बताया कि कोर्ट ने सरकारी कार्य में बाधा सहित अन्य आरोपों में रैंस गांव की प्रधान रजनी देवी और पूर्व प्रधान अवतार सिंह को जेल भेजने का आदेश दिया है।

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सड़क निर्माण में लगी जेसीबी नहीं चलने दी

woman pradhan and ex pradhan sent to jail.
मुकदमा - फोटो : demo pic

बता दें कि वर्ष 2000 में परखाल-केदारकोट मोटर मार्ग से तीन किमी सड़क चोपता गांव के लिए स्वीकृत थी, लेकिन रैंस गांव के ग्रामीण सड़क निर्माण का विरोध कर रहे थे। 

नवंबर 2015 में लोनिवि ने सड़क का निर्माण शुरू किया तो विभाग की जेसीबी को ग्रामीणों ने आगे नहीं बढ़ने दिया। मामले में 16 नवंबर 2015 को लोनिवि के अधिकारियों ने रैंस की प्रधान रजनी देवी और पूर्व प्रधान बलबीर सिंह सहित अन्य पांच लोगों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा के साथ ही जानबूझकर निर्माण कार्य बाधित करने का मुकदमा दर्ज कराया था। 

धारा 144 लगने के बाद हुआ था विवाद

woman pradhan and ex pradhan sent to jail.
jail

सड़क नहीं बनने से चोपता के ग्रामीण मार्च 2016 में हाईकोर्ट गए। इस पर नवंबर 2016 में हाईकोर्ट ने प्रशासन को सड़क निर्माण करने के आदेश दिए।

आदेश के बाद तहसील प्रशासन ने आठ दिसंबर 2016 को निर्माण स्थल पर धारा 144 लगाई और सड़क निर्माण के प्रयास किए। हालांकि दो दिनों के प्रयास के बाद ग्रामीण माने और विभाग की जेसीबी आगे बढ़ी, लेकिन बाद में अज्ञात ग्रामीणों ने चोपता गांव के लिए निर्माणाधीन सड़क की शुुरुआत में ही दीवार खड़ी कर दी। मामले में 12 महिलाओं सहित 15 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया था। 

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