बेटी को ढूंढने निकले मां-बेटा, एक की मौत; दूसरा लापता
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नाराज होकर घर से निकली बेटी को ढूंढने के लिए मां-बेटे निकले। लेकिन इस दौरान मां की मौत हो गई। वहीं, बेटे का भी लापता हो गया।
मामला हरिद्वार का है। 24 अप्रैल देर रात प्रेमनगर आश्रम गंगा घाट पर कुछ युवकों ने एक महिला को बहता हुए देखा। युवकों ने उसे बाहर निकाला और एक निजी अस्पताल में ले गए। चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव की पहचान न होने पर मोर्चरी भेजा।
25 अप्रैल की सुबह यूपी सिंचाई विभाग के अधिकारियों को राहुल के मोबाइल फोन वीआईपी घाट के पास लावारिस अवस्था में मिले। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस से उन्हें सूचना मिली कि एक महिला का शव भी गंगनहर में मिला है। मोर्चरी पहुंचने पर पता चला कि शव उसकी बहन का है।
मंगलवार सुबह यहां पहुंचे लक्सर निवासी संजय वर्मा ने मृतका की पहचान अपनी साली रेखा वर्मा (48) पत्नी महेश वर्मा निवासी सुभाषनगर रुड़की के रूप में की। इसके बाद जब पूरी बात उन्होंने बताई तो पुलिस भी चौक गई।
अजीबोगरीब कहानी में उलझी पुलिस
संजय वर्मा ने बताया कि उसकी साली रेखा की बेटी अंशिका किसी बात पर नाराज होकर घर से निकल गई थी। बेटी को ढूंढने के लिए रेखा अपने बेटे राहुल के साथ निकली थी। दोनों में से कोई घर नहीं लौटा। उन्होंने बताया कि राहुल और अंशिका का भी कोई पता नहीं है। एसएसआई जगमोहन रमोला ने बताया कि महेश वर्मा की रुड़की में दुकान है।
गंगनहर पुलिस पूरी अजीब सी दिखाई दे रही इस कहानी की गुत्थी सुलझाने में जुट गई है। बड़ा सवाल ये है कि आखिर देर रात को रेखा यहां क्यों पहुंची थी। वह कैसे डूब गई। बेटा और बेटी कहां है। राहुल और अंशिका के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल पूरे मामले की तस्वीर साफ करने में मददगार साबित हो सकती है।
पुलिस के सामने ये है मुश्किल
मां अपने बेटे के संग देर रात बेटी को ढूंढने के लिए निकलती है। फिर उसका शव गंगनहर से बरामद होता है। वो भी चंद घंटों में मिलता है। बेटा और बेटी भी अब तक लापता है। पूरा माजरा आखिर क्या है। मोबाइल फोन भी लावारिस अवस्था में मिलते है। एक बात साफ है कि बेटा अपनी मां के साथ यहां तक आया था, तभी उसके मोबाइल फोन लावारिस मिले है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि बेटी को ढूंढने के लिए वह दोनों हरिद्वार ही क्यों आए। इस सवाल का जवाब गंगनहर पुलिस ढूंढ रही है।
फिलहाल गमगीन माहौल होने के चलते पुलिस पूछताछ भी नहीं कर पा रही है। पिता हार्ट के मरीज है। गंगनहर कोतवाली प्रभारी चंद्रभान सिंह अधिकारी के मुताबिक अंशिका और राहुल के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकार्ड निकाल रहे है। संभवत उससे पूरे मामले की तस्वीर साफ हो जाए। अभी किसी से पूछताछ नहीं हो पाई है।