चार हजार की घूस लेते पशु चिकित्साधिकारी रंगेहाथ गिरफ्तार
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चार हजार रुपये की रिश्वत लेते पशु चिकित्साधिकारी को विजिलेंस की टीम ने रुड़की में रंगे हाथ दबोच लिया। आरोप है कि पशु चिकित्साधिकारी ने पशुपालक से मृत पशुओं की रिपोर्ट बनाने के लिए 14 हजार रुपये की घूस मांगी थी, जिसकी शिकायत विजिलेंस से की थी।
विजिलेंस ने योजना के तहत आरोपी को पहली किस्त चार हजार रुपये दिलवाई और रंगेहाथ पकड़ लिया। टीम आरोपी को लेकर देहरादून चली गई।
सुनहरा नंद विहार कॉलोनी निवासी हिंदू जागरण मंच के तहसील मंत्री सोनू कश्यप ने नौ सितंबर को देहरादून जाकर विजिलेंस को रुड़की ब्लॉक में तैनात पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सतीश चंद्र पर रिश्वत मांगे जाने की शिकायत की थी। जिसमें बताया गया था कि उसकी एक गाय एवं एक भैंस आठ सितंबर को अचानक बीमार पड़ गई थी। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी।
शिकायत पर विजिलेंस की टीम ने बिछाया जाल
उसने दोनों पशुओं का एक प्राइवेट कंपनी से बीमा कराया था। बीमा की रकम लेने के लिए पशु चिकित्साधिकारी की रिपोर्ट लगनी थी। आरोप है कि जब उसने पशु चिकित्साधिकारी से बात की तो उसने 14 हजार रुपये की मांग की थी। जिसमें 11 सितंबर को उसने पहली किस्त के रूप में चार हजार रुपये देने की बात कही थी। बाकी के दस हजार रुपये रिपोर्ट बनने के बाद देने को कहा गया था।
पूरी योजना के तहत शनिवार को ठीक 12 बजे विजिलेंस टीम ब्लॉक मुख्यालय परिसर स्थित पशु चिकित्साधिकारी के कार्यालय पर पहुंची। टीम ने सुनियोजित तरीके से सोनू कश्यप को मांगी गई रिश्वत के चार हजार रुपयों में केमिकल लगाकर चिकित्साधिकारी के पास भेज दिया।
जैसे ही सोनू ने डॉ. सतीश चंद्र को चार हजार रुपये रिश्वत के दिए तो पीछे से विजिलेंस की टीम ने रंगेहाथ आरोपी डाक्टर दबोच लिया। टीम प्रभारी जवाहरलाल सिंह ने आरोपी डॉक्टर से करीब सवा घंटा पूछताछ और लिखा-पढ़ी की। इसके बाद टीम आरोपी डॉक्टर को गाड़ी में बैठाकर करीब डेढ़ बजे देहरादून ले गई।