लाखों रुपए की चरस और कोकीन के साथ पकड़े गए दो युवक, सामने आए कई और राज
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पुलिस ने आधा किलो कोकीन और आधा किलो चरस के साथ दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने जिले में पहली बार कोकीन पकड़ी है। एएसपी ने टीम को 1500 रुपये इनाम देने की घोषणा की है।
एसएसपी डॉ. सदानंद दाते के नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में काशीपुर पुलिस को बड़ी उपलब्धि मिली है। पुलिस ने दो लोगों को आधा-आधा किलो कोकीन और चरस के साथ गिरफ्तार किया है। रविवार को कोतवाली में पत्रकार वार्ता में एएसपी डॉ. जगदीश चंद्र, सीओ राजेश भट्ट और कोतवाल चंचल शर्मा ने बताया कि बीते शनिवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने रम्पुरा के पास चेकिंग अभियान चलाया।
टीम ने ग्राम धनौरी के पास नवनिर्मित कॉलोनी से मेहर चंद निवासी धनौरी लक्ष्मीपुर लच्छी (काशीपुर) और मक्खन निवासी ग्राम जोगीपुरा थाना बाजपुर को पूछताछ के लिए रोका और शक होने पर उनकी तलाशी ली। दोनों से 250-250 ग्राम कोकीन और 250-250 ग्राम चरस बरामद हुई। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उक्त कोकीन और चरस बाजपुर निवासी डॉ. अहमद ने उन्हें उपलब्ध कराई थी। इसे बेचने पर 10-10 लाख रुपये डॉ. अहमद को दिए जाने थे और 5-5 लाख दोनों आरोपियों को मिलने थे।
पुलिस ने दोनों के खिलाफ धारा 8/18 व 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। फरार डॉ. अहमद की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही हैं। टीम में सीओ राजेश भट्ट, कोतवाल चंचल शर्मा, एसआई प्रयाग दत्त जोशी, दिनेश बल्लभ, विजय सिंह, अर्जुन गिरी, संदीप पिलखवाल, कांस्टेबल, देवेंद्र नेगी, राजू पुरी, अनुज त्यागी, नंदन सिंह, सुभाष चंद्र, दलीप सिंह, संदीप नेगी आदि थे।
...कहीं नेपाल तो भेजी जा रही थी कोकीन
... आखिर कौन है डॉ. अहमद
कोकीन के धंधे के मुख्य सरगना के रूप में किसी डॉ. अहमद का नाम सामने आ रहा है। यह डॉ. अहमद कौन है, इसका पता लगाना पुलिस के लिए चुनौती होगा। एक बात यह है कि व्यक्ति डॉक्टर कुछ ही शर्तों पर बन सकता है या तो एमबीबीएस किया हो या पीएचडी की हो या फिर उस व्यक्ति को कोई मानद उपाधि मिली हो। इसके अलावा, नाम के आगे डॉक्टर तभी लग सकता है कि अमुक व्यक्ति का किसी ने उपनाम ही रख दिया हो। सवाल यह है कि यह डॉ. अहमद कैसा डॉक्टर है? पुलिस को अब इन सब सवालों के जवाब ढूंढने होंगे। खास बात यह भी है कि इस डॉ. अहमद का नाम अपराध की दुनिया में पहली बार सामने आया है।
...कहीं नेपाल तो भेजी जा रही थी कोकीन
लाखों रुपये कीमत की कोकीन के साथ पकड़े गए दोनों आरोपियों के किसी तस्कर के कैरियर होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। पकड़े गए दोनों आरोपियों की घरेलू पृष्ठभूमि मजदूर की है। ऐसे में सवाल उठता है कि इनके पास लाखों की कोकीन कहां से आ गई? क्षेत्र में कोकीन के उपभोक्ता भी नहीं है। इससे अंदेशा लगाया जा रहा है कि नशे का कारोबार कोई और कर रहा है। यह दोनों महज कैरियर है, जो माल को इधर से उधर पहुंचाने का काम करते हैं। पुलिस ने अगर जांच की लाइन सही दिशा में बढ़ाई तो पुलिस के हाथ अंतरराष्ट्रीय तस्कर गिरोह तक पहुंच सकते हैं।
बताया जाता है कि कोकीन का प्रयोग भारत में कम होता है। वहीं, इसका बड़ा बाजार नेपाल है, जहां विदेशी इसका इस्तेमाल करते हैं। कोकीन अफगानिस्तान से पाकिस्तान के रास्ते भारत और यहां से नेपाल होकर अंतरराष्ट्रीय बाजार में जाती है। नेपाल में विदेशी सैलानी आते हैं। इसलिए नेपाल में इसकी बड़ी डिमांड हैं। ऐसी संभावना हो सकती है कि पकड़े गए दोनों कैरियर कोकीन को किसी तस्कर से पाकिस्तान सीमा से रिसीव कर नेपाल ले जा रहे थे या नेपाल ले जाने वाले कोरियर को देने के इंतजार में थे कि पुलिस ने उन्हें धर दबोचा।