चेक बाउंस होने पर कारोबारी को दो साल की कैद, 83 लाख जुर्माना
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जुर्माने की राशि में 82 लाख रुपये बतौर प्रतिकर परिवादी को देने और एक लाख रुपये जुर्माने के रूप में राजकोष में जमा कराने के आदेश दिए गए हैं। कोर्ट ने कहा है कि अभियुक्त जुर्माने की धनराशि जमा नहीं करता है तो उसे छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
परिवादी वीरेंद्र सिंह बिष्ट निवासी ग्राम शिब्बूनगर सुखरौ हाल निवासी सूर्यानगर नजीबाबाद रोड, कोटद्वार ने विनोद कुमार पुत्र मूलचंद्र निवासी गोविंद नगर कोटद्वार के खिलाफ वर्ष 2013 में वाद दायर किया था।
खाते हो गए थे बंद फिर भी काट दिया चेक
परिवादी के अनुसार ग्राम शिब्बूनगर सुखरौ परगना भाबर में स्थित उसकी जमीन का सौदा प्रतिपक्षी विनोद कुमार ने दो करोड़, दो लाख, 67 हजार रुपये में किया था। प्रतिपक्षी ने 30 नवंबर, 2011 को पूरी धनराशि चुकाये बिना बैनामा करा लिया।
बैनामा लिखे जाने के बाद प्रतिपक्षी ने अपना भुगतान चार चेकों के माध्यम से किया। परिवादी ने एक जनवरी 2013 को एक चेक इलाहाबाद बैंक और दूसरा चेक 16 जनवरी 2013 को एसबीआई में भुगतान के लिए लगाया, लेकिन बैंक से दोनों चेक यह लिखकर वापस कर दिए गए कि उक्त खाते बंद हो चुके हैं। तीन साल तक चले इस मुकदमे में कोर्ट ने बृहस्पतिवार को सभी पक्षों को सुनने के बाद यह फैसला सुनाया।