भारतीय पासपोर्ट के साथ तिब्बती मठ का धर्मगुरु गिरफ्तार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देहरादून जनपद की विकासनगर कोतवाली पुलिस और स्थानीय अभिसूचना (एलआईयू) ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए तिब्बत के नागरिक को लाल ढांग बरोटीवाला स्थित मठ से गिरफ्तार किया गया। मठ में वह धर्मगुरु के रूप में पदासीन है।
आरोपी के पास से पासपोर्ट के साथ क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, नई दिल्ली से जारी पहचान प्रमाणपत्र और पंजीकरण प्रमाण पत्र मिले हैं। भारतीय पासपोर्ट से वह कई देशों की यात्रा कर चुका है। पुलिस ने उसके खिलाफ धोखाधड़ी, पासपोर्ट और विदेशी अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। देर रात तक उससे पूछताछ जारी थी। शनिवार को उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा।
शुक्रवार को खुफिया विभाग को सूचना मिली थी कि लालढांग बरोटीवाला स्थित मठ में धर्मगुरु के रूप में पदासीन तिब्बती जैंपेल (43) छोजीन पुत्र थुपटीन लोडुप तिब्बती नागरिक के रूप में विदेशी पंजीकरण कार्यालय देहरादून में पंजीकृत है। उसने धोखे से भारतीय पासपोर्ट हासिल कर लिया है।
फर्जी तरीके से हासिल किया भारतीय पासपोर्ट
खुफिया छानबीन में पता चला कि जैंपेल 19 जून 2000 को विदेशी पंजीकरण कार्यालय में पंजीकृत है। उसका पंजीकरण तिब्बतन सेटलमेंट अधिकारी लक्खनवाला थाना सहसपुर से जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर जारी किया था। इसमें जन्म लक्खनवाला देहरादून दर्शाया गया था।
आरोप है कि जैंपेल ने 14 अगस्त 2007 को पहचान बदलते हुए अरुणाचल प्रदेश स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय गुवाहाटी में अपना नाम कौनछूक दोरजी दर्शाते हुए भारतीय नागरिक के रूप में भारतीय पासपोर्ट (संख्या जी-2493374) प्राप्त कर लिया। पुलिस टीम में कोतवाल संदीप नेगी, एसएसआई अरविंद चौधरी, एलआईयू उपनिरीक्षक विजय पंवार, शैलेश राणा, फरमान अली, सिपाही गणेश नेगी, जगदीश रावत, देवेंद्र चपराणा, मिथुन शामिल रहे।