133 लावारिस लाशों में छिपी तीन वारिसों की पहचान
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देहरादून के पटेलनगर क्षेत्र के चौहरे हत्याकांड में मारे गए एक ही परिवार के तीन सदस्यों की पहचान 133 लावारिस शवों में छिपी है।
हरिद्वार, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर से पुलिस ने लावारिस शवों का यह आंकड़ा जुटाया है। पुलिस को अब उनके पंचायतनामों की दरकार है, जिनसे हुलिए और पहचान चिन्ह से मिलान कर कोई नतीजा निकाला जाएगा।
मामला दिसंबर 2014 का होने के कारण यूपी पुलिस ने चुनावी व्यस्तता का तर्क देकर पंचायतनामा का रिकॉर्ड उपलब्ध कराने को कुछ समय मांगा है।
पुष्टि के लिए डीएनए मिलान करा रही है पुलिस
चौहरे हत्याकांड का यह सनसनीखेज मामला देहरादून की इंद्रप्रस्थ कालोनी का है। 13 दिसंबर 2014 को अकाउंटेंट राजीव सिंह ने पत्नी गीतिका, पुत्री इंशिका, पुत्र अरु और सास मिथलेश की हत्या करने के बाद शवों को मसूरी और गंगनहर में फेंक दिया था। गीतिका का कथित शव तो मसूरी में कोल्हू खेत के पास लावारिस हालत में मिल गया था।
वैज्ञानिक तौर पर पुष्टि के लिए पुलिस डीएनए मिलान करा रही है। आरोपी राजीव ने सास मिथलेश, पुत्री इंशिका और बेटे अरु का शव गंगनहर में फेंकने की बात बताई थी। उसी हिसाब से पटेलनगर पुलिस ने हरिद्वार, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर में मिले लावारिस शवों का आंकड़ा खंगाला है।
ऐसे करीब 133 शव पाए गए है, जिनकी पहचान नहीं हो सकी। अब इन्हीं लावारिसों में से तीन वारिसों को ढूंढने की चुनौती है। आपको बता दें कि परिवार के चार सदस्यों की हत्या करने के बाद आरोपी दो साल तक पुलिस को गुमराह करता रहा।
पंचायतनामा बनेगा मददगार
राजीव ने 20 मार्च 2015 को खुद पटेलनगर थाने आकर उनके गुम होने की जानकारी दी थी। बीच में पुलिस को शक भी हुआ, लेकिन वह संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गया था। मोदी सरकार की नोटबंदी पुलिस के लिए वरदान बन गई।
बैंक खाते से आधार कार्ड की लिंक ने पुलिस को राजीव सिंह तक पहुंचा दिया। पूछताछ में आरोपी राजीव सिंह ने परिवार के चार सदस्यों के कत्ल का सच स्वीकारने में देरी नहीं की। आरोपी ने शव फेंकने के ठिकाने भी पुलिस को दिखाए।
पंचायतनामा इन शवों की पहचान कराने में मददगार बनेगा। पटेलनगर कोतवाली के वरिष्ठ उप निरीक्षक हेमंत खंडूरी ने बताया कि शव मिलने के समय पंचायतनामे में हुलिया, उम्र, कद, चोट के अलावा कई पहचान चिन्ह अंकित किए जाते हैं।
पंचायतनामे में हुलिए का मिलान कराने के बाद कपड़ों आदि से उसकी पुष्टि कराई जाएगी। यदि डीएनए संरक्षित होगा तो उसका मिलान कराया जाएगा।