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पशु तस्करी रोकने वाले सिपाही की हत्या में तीन गिरफ्तारी
ब्यूरो / अमर उजाला, रुद्रपुर
Updated Sun, 20 Dec 2015 01:20 PM IST
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एक हफ्ते पहले उत्तराखंड के गदरपुर में सिपाही की हत्या में शामिल तीन आरोपियों को कटघर और यूएसनगर पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दबोच लिया।
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इस दौरान आरोपियों ने बचने के लिए टीम पर फायर भी झोंके। मुरादाबाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया है। पुलिस आरोपियों को बी वारंट पर पूछताछ पर लाने की तैयारी कर रही है। मामले में गिरोह के सरगना भूरा सहित चार आरोपी फरार गिरफ्त से बाहर हैं।
शनिवार शाम अपने कार्यालय में पत्रकारों से वार्ता में एसएसपी केवल खुराना ने कहा कि बीते 12 दिसंबर की रात चार बदमाशों ने ग्राम महतोष में भूखन लाल के घर से पशु चोरी करने का प्रयास किया था। असफल होने पर बदमाशों ने भूखन और उसकी पत्नी शकुंतला की पिटाई की और भूखन का मोबाइल छीनकर भाग गए थे।
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पहले तो पुलिस के पीछा करने पर बदमाश भाग गए थे और बाद में लौटकर बाइक सवार दो सिपाहियों बसंत बोरा और जितेंद्र कुमार को कुचल दिया था। जिसमें बसंत की मौत हो गई थी। मामले के खुलासे के लिए आठ टीमों ने सीमावर्ती जिलों में लगातार दबिशें दे रही थी। वारदात में मुरादाबाद के भूरा गैंग की लिप्तता प्रकाश में आई।
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शुक्रवार रात मुखबिर की सूचना पर थाना कटघर और यूएसनगर पुलिस ने कटघर में मुठभेड़ के बाद मुरादाबाद के सुक्खा निवासी ग्राम खानपुर लक्खी, अनमोल निवासी ग्राम वीरपुर और आसिफ निवासी ग्राम कल्याणपुर मूढ़ापांडे को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से तीन तमंचे और तीन कारतूस भी बरामद हुए।
उनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त बिना नंबर पिकप भी बरामद कर ली गई है। उन्होंने बताया कि गैंग का मुखिया भूरा निवासी वीरपुर मूढ़ापांडे, रफी उर्फ रफिया निवासी खानपुर लक्खी, मुजाहिद तथा नदीम निवासी मूढ़ापांडे मुरादाबाद फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें लगाई गई हैं। भूरा की फोटो को भूखन की पत्नी ने भी पहचान लिया था।
सीएम ने थपथपाई यूएसनगर पुलिस की पीठ
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली यूएसनगर पुलिस की टीम की पीठ थपथपाई है। उन्होंने टीम को इनाम देने की सैद्धांतिक सहमति प्रदान की है। टीम को डीआईजी ने पांच हजार और एसएसपी खुराना ने ढाई हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
एसएसपी खुराना ने बताया कि वैसे तो पूरी टीम ने काफी मेहनत की, लेकिन दो सिपाहियों मतलूब और फिरोज का अहम योगदान रहा। बता दें कि इस पूरे प्रकरण को लेकर मुख्यमंत्री हरीश रावत भी लगातार नजर रखे हुए थे और प्रतिदिन पुलिस कप्तान केवल खुराना से अपडेट भी ले रहे थे।
सात में से चार पर दर्ज हैं कई मुकदमे
सिपाही हत्याकांड में शामिल भूरा गैंग के सात सदस्यों में से चार पर कई मुकदमे दर्ज हैं। एसएसपी केवल खुराना ने बताया कि गैंग लीडर भूरा पर गैंगेस्टर लगने के साथ ही थाना मूढ़ापांडे में पशु कू्रता, आर्म्स के साथ ही गुंडा एक्ट का मामला दर्ज है। रफी पर थाना मूढ़ापांडे में सात और थाना कटघर में एक मुकदमा दर्ज है।
सुक्खा पर मूढ़ापांडे, बदायूं और थाना शहजादनगर रामपुर में तीन मुकदमे दर्ज हैं। अनमोल पर थाना टांडा रामपुर और मूढ़ापांडे में मुकदमे दर्ज हैं। उस पर थाना कटघर में गैंगेस्टर एक्ट के तहत भी मुकदमा दर्ज हो चुका है।
शहीद का दर्जा दिलाने को भेज रहे प्रस्ताव
रुद्रपुर। एसएसपी केवल खुराना ने बताया कि सिपाही बसंत को शहीद का दर्जा दिलाने के लिए प्रस्ताव निदेशालय के माध्यम से शासन को भेजा जाएगा। बसंत के परिवार को ज्यादा से ज्यादा आर्थिक मदद दिलाने की कोशिश की जा रही है।
मुखबिर बन चलाता है भूरा यूपी-उत्तराखंड में पशु तस्करी रैकेट
पशु तस्करों को रोकने के दौरान 12 दिसंबर शनिवार रात को तस्करों द्वारा पिकप वाहन से बेरहमी से कुचलकर मारे गए सिपाही बसंत बोरा हत्याकांड के खुलासे में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए तो यूएस नगर और मुरादाबाद पुलिस के आला अफसरों के भी होश उड़ गए।
इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी भूरा लंबे समय से मुरादाबाद पुलिस के संरक्षण में पशु तस्करों के धंधे को अंजाम देता आया है। पुलिस का मुखबिर बनकर उत्तराखंड से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक पशु तस्करी के कारोबार में अपना एक बड़ा नेटवर्क फैलाए तस्करों का सरगना भूरा मुरादाबाद के कुछ पुलिस कर्मियों को भी अपने जाल में फांसे हुए था।
इसमें मुरादाबाद के कुछ पुलिस कर्मियों की भूमिका भी पूरी तरह से संदिग्ध है। जिस रात को सिपाही बसंत बोरा की हत्या की गई, उसके अगले दिन ही कुछ पुलिस कर्मियों को इस मामले की पूरी जानकारी लग गई थी और उसी दिन से इस मामले को दबाने का सिलसिला शुरू हो गया था।
कुछ पुलिस कर्मी इस मामले में यूएस नगर पुलिस का साथ दे रहे थे तो कुछ संदिग्ध पुलिस कर्मी मामले को रफा-दफा करने में लग गए। इस मामले में अहम भूमिका मुरादाबाद के सिपाहियों की भी रही। उन्हें जब पता चला कि यूएस नगर पुलिस के एक सिपाही को पशु तस्करों ने बेरहमी से कुचलकर मार दिया है तो उनका दिल पसीज गया और उन्होंने धीरे-धीरे यूएस नगर पुलिस को पशु तस्करों की ओर इशारा कर दिया।
इसके बाद यूएस नगर पुलिस को सिपाही बसंत बोरा हत्याकांड में सुराग मिलने शुरू हो गए और आखिरकार मुरादाबाद के कुछ पुलिस कर्मियों ने भी हत्यारों तक पहुंचने में यूएसनगर पुलिस की मदद करनी शुरू कर दी। जैसे-जैसे राज खुलते गए तो पता चला कि पशु तस्करी का एक बड़ा गिरोह मुरादाबाद में ही सक्रिय है।
यह गिरोह वहां की स्थानीय पुलिस के संरक्षण में उत्तराखंड और यूपी में पशु तस्करी का बड़ा खेल खेलता है। सबसे ज्यादा चौंकाने वाला तथ्य यह रहा कि इस हत्याकांड में पशु तस्करों का सरगना भूरा मुरादाबाद पुलिस का ही मुखबिर था। मुखबिरी की आड़ में वह रामपुर, मुरादाबाद से लेकर मेरठ तक पशु तस्करी का गोरखधंधा करता है।
सिपाही बसंत बोरा हत्याकांड में शुरू से ही यूएस नगर पुलिस मुरादाबाद और रामपुर जिले पर फोकस किए हुए थी। इसमें सबसे अहम बात यह है कि पशु तस्करी का खेल मुरादाबाद के कुछ पुलिस कर्मियों की मिलीभगत से होता है। तस्करों को पकड़वाने में मुरादाबाद के कुछ पुलिस के सिपाहियों का अहम रोल रहा है, जबकि कुछ पुलिस कर्मी इस पूरे प्रकरण को दबाने की कोशिश में थे। मुख्य आरोपी भूरा मुरादाबाद पुलिस का मुखबिर है। पुलिस की आड़ में वह पशु तस्करी का धंधा करता है।
- केवल खुराना, एसएसपी यूएसनगर
घटना को अंजाम देने के बाद फिर की पशु तस्करी
पशु तस्करों के हौसले कुछ पुलिस कर्मियों के संरक्षण से इतने बुलंद थे कि सिपाही बसंत बोरा को मौत के घाट उतारने के बाद पशु तस्करों ने फिर रामपुर जिले से एक वाहन में दर्जनों पशुओं को लादकर मुरादाबाद आए।
एडिशनल एसपी पंकज भट्ट और एएसपी कमलेश उपाध्याय ने बताया कि आरोपियों ने घटना को अंजाम देने के बाद रामपुर जिले से फिर एक वाहन के जरिए पशु तस्करी की घटना को अंजाम दिया था।
रामपुर से लेकर मेरठ का चलता है खेल
पशु तस्करी के रैकेट का सरगना भूरा का नेटवर्क उत्तराखंड से लेकर पश्चिमी यूपी के मेरठ जिले तक फैला है। वह मुरादाबाद और रामपुर से तस्करी उत्तराखंड की सीमा से जुड़े शहरों से करता है और कुछ पुलिस कर्मियों की मिलीभगत से एक दिन में दो वाहनों के चक्कर यूएस नगर जिले के लगाता है।
इस दो बार के चक्कर में वह 10-15 हजार रुपये प्रतिदिन वसूल करके आगे मेरठ तक पशुओं की सप्लाई कर देता है। भूरा का नेटवर्क रामपुर, मुरादाबाद और मेरठ जिले में काफी समय से फैला है।