मेहमान बनकर आए और बेहोश करके लूट चले
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरिद्वार के रुड़की स्थित रामनगर में समाज कल्याण मंत्री के आवास के निकट एक घर में बदमाश मेहमान बन कर आए और घर के तीन लोगों को नशीला पदार्थ सुंघाकर माल समेट कर चलते बने। वारदात के समय घर में पति-पत्नी और पुत्री थे। पुत्र काम पर गया था।
रामनगर की गली नंबर 10 में शुगर मिल के रिटायर्ड कर्मचारी पिशोरी लाल सूरी (65) पत्नी अविनाश और 18 साल की पुत्री रुची के साथ सोमवार की दोपहर को घर में थे। उनका पुत्र घटना के वक्त काम पर गया था। करीब 11 बजे उनके घर में कुछ लोग आए। उन लोगों ने घर में मौजूद तीनों लोगों को नशीला पदार्थ सुंघाकर बेहोश कर दिया।
इसी बीच बेहोश होते समय रुची ने देहरादून में रहने वाली अपनी बहन का नंबर डायल कर दिया लेकिन हेलो करने और जुबान लड़खड़ाने के बाद वह बेहोश हो गई। इसके बाद जब बहन ने फोन मिलाया तो किसी ने मोबाइल नहीं उठाया।
मेहमान-मेहमान बड़बड़ाती रही गृहस्वामिनी
अनहोनी की आशंका के चलते बहन ने भाई मोहित को पूरी जानकारी दी। इसके बाद मोहित अपने घर पहुंचा। घर जाकर देखा तो उसके माता-पिता और बहन अलग-अलग कमरों में बेहोश पड़े थे। घर का सब सामान बिखरा पड़ा था जिसके बाद उसने पुलिस को सूचना दी।
लोगों की मदद से तीनों को सिविल अस्पताल भिजवाया गया जहां पर उनका उपचार चल रहा है। अभी तक किसी को भी होश नहीं आया है। पुलिस का कहना है तीनों के होश में आने के बाद ही नुकसान के बारे में जानकारी मिल पाएगी। पुलिस का अनुमान है कि बदमाश मेहमान बनकर ही आए थे।
रिटायर्ड कर्मचारी पिशोरी लाल की पत्नी अविनाश को जिस समय सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया उस समय वह बेहोशी की हालात में मेहमान-मेहमान बड़बड़ा रही थी। अस्पताल में मौजूद पुलिस और परिजनों ने अविनाश से पूछताछ करने का प्रयास किया। लेकिन वह बेहोश हो गई। पुलिस भी मान रही है कि बदमाश मेहमान बनकर घर में दाखिल हुए थे।
बदमाशों ने तसल्ली से की वारदात
शुगर मिल के रिटायर्ड कर्मचारी पिशोरी लाल के यहां वारदात को अंजाम देने वाले तीन बदमाश थे। बदमाशों ने वारदात करने के पहले परिवार के सदस्यों का विश्वास जीता था।
पिशोरी लाल के कमरे में चाय के तीन कप मिले हैं। वहीं रसोई में तीन पानी के भरे हुए गिलास भी रखे थे जिससे अनुमान लगाया गया है कि वारदात करने वाले बदमाश तीन थे। माना जा रहा है कि बदमाश 20 से 30 मिनट तक घर में मौजूद रहे थे। बदमाशों ने घर का कोना-कोना खंगाला था।
अंकल-आंटी बताकर भी हो चुकी ठगी
गांधीनगर कालोनी में करीब एक माह पूर्व रिटायर्ड सैन्य अधिकारी के घर उनके पुत्र का दोस्त बनकर आए बदमाशों ने भी झांसा देकर लाखों के जेवरात ठग लिए थे। दोनों आरोपियों ने उन्हें अंकल आंटी कह कर उन्हें विश्वास में लेकर वारदात को अंजाम दिया था। इस घटना का अभी तक खुलासा नहीं हुआ है।