विवाहिता की हत्या में ससुरालियों को दस साल की कैद
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विवाहिता की गैर इरादतन हत्या पर अदालत ने चार दोषियों को दस और एक को आठ साल की कैद और 59 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि महिला की मौत गला घोटकर हुई है। मामला डोईवाला थाना क्षेत्र का वर्ष 2011 का है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार यमुनानगर निवासी जसपाल लाल की पुत्री ममता का विवाह 23 फरवरी 2008 को यमुनानगर हरियाणा में एक संस्था के माध्यम से धन्याड़ी बड़ासी डोईवाला निवासी संदीप के साथ हुआ, लेकिन ससुराल वाले विवाह के बाद ममता को दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगे। दहेज के लिए कई बार उससे मारपीट भी की गई। 23 अक्तूबर 2011 को किसी समय उसकी गला घोटकर हत्या कर दी गई। बचाव पक्ष ने कहा कि महिला की मौत घर से बाहर फांसी लगाने से हुई है। गला घोटने से संबंधित कोई लक्षण पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नहीं है।
अदालत ने फैसले में लिखी दहेज प्रताड़ना की बात
अपर सत्र न्यायाधीश सप्तम शादाब बानो की अदालत में हुई सुनवाई में अभियोजन की ओर से आरोपों को साबित करने के लिए दस गवाह पेश किए गए। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मनोज शर्मा ने कहा कि गवाहों ने अभियोजन की बात का समर्थन करते हुए घटना को साबित किया है।
दहेज न देने पर महिला को गला घोटकर मारा गया है। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि यह साबित नहीं हो पाया कि महिला की मौत खुद फांसी लगाने से हुई है। हत्या से पहले महिला को दहेज के लिए परेशान किया गया था।
अदालत ने महिला के पति संदीप समेत संतोष, सुरजीत और राजेश को दस साल की कैद एवं रीना को आठ साल की कैद और अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर दोषियों को तीन माह का अतिरिक्त कारावास काटना होगा।