चोरी की अनोखी सजा, पुलिस के साथ छह माह तक करना होगा ये काम
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चोरी के आरोप में पकड़ा गया एक किशोर अब पुलिस के साथ कदमताल करते हुए छह माह तक शहर की यातायात व्यवस्था में सहयोग करेगा। किशोर न्याय बोर्ड ने उसे संभवत: अपने ढंग की पहली और अनूठी सजा सुनाई है।
शौक पूरा करने के लिए चोरी की लत का शिकार बना किशोर इस अनूठी सजा को लेकर इसलिए बहुत उत्सुक है कि शायद इससे उसकी जिंदगी बदल जाए। सजा के अमल के दौरान उसके अच्छे आचरण की पुलिस रिपोर्ट ही उसका भविष्य तय करेगी।
किशोर न्याय बोर्ड की मजिस्ट्रेट रीतिका सेमवाल ने हाल ही में यह आदेश सुनाया है। आदेश की कापी हरिद्वार कोतवाली पुलिस को मिल चुकी है और सोमवार से किशोर भी पुलिस की अभिरक्षा में पहुंच गया।
शौक पूरा करने के लिए बना था चोर
कोतवाली प्रभारी अनिल जोशी ने बताया कि किशोर से यातायात व्यवस्था संभालने के लिए कार्य कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि समाज की मुख्यधारा में वापसी के लिए इससे अच्छा रास्ता नहीं हो सकता है।
सजा पाने वाला 17 वर्षीय किशोर कम पढ़ा-लिखा है। कई बरस पहले उसके सिर से माता-पिता का साया भी उठ चुका है। वह भाई-भाभी के पास रहता था। उसने बताया कि बुरी संगत में शौक पूरा करने के लिए उसने चोरी की थी।
वह अब कोई गलत कार्य नहीं करेगा और न किसी को करने देगा। उसने कहा कि उसे भी एक आम लड़के की तरह जीने की इच्छा है, शायद अब पूरी हो जाए।
यह था किशोर का मामला
इस अनोखे मुकाम पर पहुंचे घटनाक्रम की शुरुआत ज्वालापुर के शास्त्री नगर की रहने वाली डॉ. कविता पत्नी राजेश की स्कूटी की चोरी से हुई। पुलिस ने जुलाई 2015 में स्कूटी की रिकवरी करते हुए पास के मोहल्ले के एक किशोर को चोरी के आरोप में पकड़ कर बाल सुधार गृह भेज दिया था।
उसके खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल हुई। अब किशोर न्याय बोर्ड ने आदेश दिए कि किशोर को छह माह के लिए हरिद्वार कोतवाली पुलिस की देखरेख में यातायात व्यवस्था संभालने में सहयोग करना होगा।
साथ ही यह भी आदेश दिए कि प्रत्येक तीन माह में उसके आचरण संबंधी रिपोर्ट किशोर न्याय बोर्ड को उपलब्ध कराई जाए। किशोर आदेश का पालन नहीं करता है तो वह बची अवधि बाल संप्रेषण गृह में ही व्यतीत करेगा।