फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   strange Punishment for theft to young boy.

चोरी की अनोखी सजा, पुलिस के साथ छह माह तक करना होगा ये काम

Wed, 25 Jan 2017 01:22 AM IST
कुणाल दरगन/अमर उजाला, हरिद्वार
कुणाल दरगन/अमर उजाला, हरिद्वार Updated Wed, 25 Jan 2017 01:22 AM IST
विज्ञापन
strange Punishment for theft to young boy.
कोर्ट - फोटो : डेमो फोटो

चोरी के आरोप में पकड़ा गया एक किशोर अब पुलिस के साथ कदमताल करते हुए छह माह तक शहर की यातायात व्यवस्था में सहयोग करेगा। किशोर न्याय बोर्ड ने उसे संभवत: अपने ढंग की पहली और अनूठी सजा सुनाई है।

विज्ञापन


शौक पूरा करने के लिए चोरी की लत का शिकार बना किशोर इस अनूठी सजा को लेकर इसलिए बहुत उत्सुक है कि शायद इससे उसकी जिंदगी बदल जाए। सजा के अमल के दौरान उसके अच्छे आचरण की पुलिस रिपोर्ट ही उसका भविष्य तय करेगी।
विज्ञापन


किशोर न्याय बोर्ड की मजिस्ट्रेट रीतिका सेमवाल ने हाल ही में यह आदेश सुनाया है। आदेश की कापी हरिद्वार कोतवाली पुलिस को मिल चुकी है और सोमवार से किशोर भी पुलिस की अभिरक्षा में पहुंच गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

शौक पूरा करने के लिए बना था चोर

strange Punishment for theft to young boy.
court

कोतवाली प्रभारी अनिल जोशी ने बताया कि किशोर से यातायात व्यवस्था संभालने के लिए कार्य कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि समाज की मुख्यधारा में वापसी के लिए इससे अच्छा रास्ता नहीं हो सकता है।

सजा पाने वाला 17 वर्षीय किशोर कम पढ़ा-लिखा है। कई बरस पहले उसके सिर से माता-पिता का साया भी उठ चुका है। वह भाई-भाभी के पास रहता था। उसने बताया कि बुरी संगत में शौक पूरा करने के लिए उसने चोरी की थी।

वह अब कोई गलत कार्य नहीं करेगा और न किसी को करने देगा। उसने कहा कि उसे भी एक आम लड़के की तरह जीने की इच्छा है, शायद अब पूरी हो जाए।

यह था किशोर का मामला   

strange Punishment for theft to young boy.

इस अनोखे मुकाम पर पहुंचे घटनाक्रम की शुरुआत ज्वालापुर के शास्त्री नगर की रहने वाली डॉ. कविता पत्नी राजेश की स्कूटी की चोरी से हुई। पुलिस ने जुलाई 2015 में स्कूटी की रिकवरी करते हुए पास के मोहल्ले के एक किशोर को चोरी के आरोप में पकड़ कर बाल सुधार गृह भेज दिया था।

उसके खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल हुई। अब किशोर न्याय बोर्ड ने आदेश दिए कि किशोर को छह माह के लिए हरिद्वार कोतवाली पुलिस की देखरेख में यातायात व्यवस्था संभालने में सहयोग करना होगा।

साथ ही यह भी आदेश दिए कि प्रत्येक तीन माह में उसके आचरण संबंधी रिपोर्ट किशोर न्याय बोर्ड को उपलब्ध कराई जाए। किशोर आदेश का पालन नहीं करता है तो वह बची अवधि बाल संप्रेषण गृह में ही व्यतीत करेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed