पीड़िता ने बताई गलफहमी, SDM कानूनी चक्रव्यूह से बचे
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सचिवालय के पास मॉल में हेल्थ आर्गेनाइजेशन की महिला अधिकारी से छेड़छाड़ और साथी से मारपीट के आरोप का मामला शनिवार को आपसी सहमति से सुलझ गया। आरोप लगाने वाली महिला के हवाले से पुलिस का कहना है कि पीड़ित पक्ष से संपर्क साधा गया तो गलतफहमी की बात कहकर उन्होंने किसी तरह की कार्रवाई से इनकार कर दिया।
पीड़ित पक्ष की तरफ से शुक्रवार रात एसडीएम के खिलाफ नामजद तहरीर दी गई थी। एसडीएम की तरफ से भी डालनवाला कोतवाली में तहरीर दी गई थी, जिसमें कहा गया है कि पीछे से आए दो अज्ञात युवकों ने उन पर हमला किया। सचिवालय के पास के इस माल के बाथरूम में महिला अधिकारी से शुक्रवार रात छेड़छाड़ के आरोप के साथ ही बवाल हो गया था।
आरोप है कि एसडीएम उत्तराखंड लिखे वाहन में सवार होकर एक अधिकारी और मंत्री के करीबी समेत तीन लोगों ने महिला अधिकारी से छेड़छाड़ का विरोध करने पर उसके साथी की बुरी तरह पिटाई कर दी।
मामने को मैनेज करने का प्रयास हुआ सफल
यह मामला गरमाया तो एसडीएम और उसके दोनों साथियों को सरकारी वाहन छोड़कर वहां से भागना पड़ा था। देर रात तक हंगामे के बाद महिला के साथी की तरफ से डालनवाला कोतवाली में एसडीएम को नामजद करते हुए तहरीर दी गई। अंग्रेजी में दी गई दो पेज की तहरीर की थाने की मुहर लगाकर रिसीविंग भी दी गई है।
प्रशासनिक अफसर और एक मंत्री के करीबी से जुड़ा मामला होने के कारण रात से ही पूरे मामले को मैनेज करने के प्रयास शुरू हो गए थे। प्रयास रंग भी लाए। शनिवार को इस मामले को बातचीत के जरिए सुलझा लिया गया।
एसपी सिटी अजय सिंह का कहना है कि तहरीर पर पीड़िता से घटनाक्रम की जानकारी ली गई तो उन्होंने इस मामले को गलतफहमी करार दिया। थाने में तहरीर पीड़िता के बजाय उसके साथी की तरफ से दी गई थी। घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज भी कब्जे में लिए गए लेकिन उनसे आरोप की पुष्टि नहीं हुई।