नशेड़ी ने बच्ची संग की हैवानियत, खून से लथपथ मिली मासूम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरिद्वार जिले के कस्बे लक्सर में एक नशेड़ी युवक ने छह साल की बच्ची को अपनी हवस का शिकार बना लिया।
शुक्रवार को शाम के समय घर के आंगन में खेलने के दौरान लापता हुई मासूम अगली सुबह खून से लथपथ मिली। नजदीक ही नशे में धुत्त पड़े आरोपी को भीड़ ने जमकर पीटा। पुलिस ने बमुश्किल नशेड़ी को भीड़ से छुड़ाया।
बच्ची को इलाज के लिए जिला अस्पताल हरिद्वार भर्ती कराया गया है। परिजनों की ओर से आरोपी के खिलाफ दुराचार का मुकदमा भी दर्ज कर लिया गया। कस्बा लक्सर के एक मोहल्ले में शुक्रवार की शाम छह साल की बच्ची घर के आंगन में खेल रही थी। अचानक वह गायब हो गई।
भीड़ ने नशेड़ी को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा
परिवार उसकी तलाश में जुट गया। पड़ोसी भी परिवार के साथ उसे ढूंढने में जुटे रहे। देर रात पुलिस को सूचना दी गई थी। शनिवार की सुबह मालगोदाम के पास झाड़ियों में बच्ची नग्न हालत में खून से लथपथ मिली।
परिजन तुरंत बच्ची को लेकर अस्पताल की तरफ दौड़े। पड़ोस के लोगों ने आस पास देखा तो कुछ दूरी पर एक युवक नशे की हालत में गड्ढे में पड़ा मिला।
भीड़ ने उसे दौड़ा दौड़ा कर पीटा। पुलिस ने बमुश्किल उसकी जान बचाते हुए हिरासत में ले लिया। बाद में परिजनों की तहरीर पर आरोपी अरविंद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
कोतवाली प्रभारी जयदेव आर्य ने बताया कि बच्ची को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल हरिद्वार भेजा गया है, वहीं उसका उपचार भी चल रहा है। आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जा रहा है।
बहला फुसलाकर ले गया आरोपी
परिजनों के मुताबिक शाम के समय बच्ची घर के आंगन में ही खेल रही थी। उसके बाहर जाने का पता भी नहीं चला। माना जा रहा है कि आरोपी ने बाहर से उसे खाने पीने की कोई चीज दिखाकर अपने पास बुलाया होगा।
पुलिस की चौकसी पर भी उठे सवाल
बच्ची से दुराचार के आरोपी को लेकर आम लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर रहा। साथ ही पुलिस की भूमिका पर भी उन्होंने सवाल उठाए। बच्ची मिलने के बाद लोगों ने सवाल दागा कि रात में नशेड़ी ने जब बच्ची से दुराचार किया उस समय बीट व चेतक पुलिस कहां थी।
लोगों का कहना था कि नशेड़ी ने रात में बच्ची से दुराचार किया और रात में ही पुलिस को सूचना दे दी गई थी। यदि पुलिस समय रहते बच्ची को ढूंढ लेती तो शायद वह हैवानियत का शिकार होने से बच जाती।