मरा हुआ बच्चा बताएगा बलात्कार का सच
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तराखंड के बागेश्वर में मरा हुआ बच्चा किशोरी के साथ हुए बलात्कार का सच बताएगा। कथित रूप से किशोरी से बलात्कार और उसके नवजात के शव को दफनाने के मामले में जांच तेज हो गई है।
रेप की शिकार किशोरी का गुरुवार को मेडिकल परीक्षण कराया गया। रिपोर्ट मिलने के बाद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
यहां तक कि पुलिस के आग्रह पर एसडीएम कोर्ट ने किशोरी के नवजात बच्चे के शव को गड्ढे से निकालकर उसका पोस्टमार्टम कराने की अनुमति दे दी है। जरूरत पड़ने पर पीड़िता और आरोपी का डीएनए टेस्ट भी कराया जाएगा।
पीड़िता के पिता ने दर्ज कराई FIR
पीड़िता के पिता ने लीली गांव निवासी रतनराम के खिलाफ बुधवार को थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी जिसमें कहा गया कि उसकी 14 साल की पुत्री के साथ आरोपी ने पिछले साल बलात्कार किया, जिससे वह गर्भवती हो गई थी।
इस साल सात जुलाई को उसने बच्चे को जन्म दिया, जिसे उसी दिन आरोपी की मां ने दफना दिया। पुलिस ने रतनराम के खिलाफ बलात्कार और उसकी मां के विरुद्ध नवजात का शव छिपाने के आरोप में मामला दर्ज किया है।
थानाध्यक्ष सत्यप्रकाश रायपा ने बताया कि गुरुवार को जिला अस्पताल में महिला चिकित्सक से पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। इसकी रिपोर्ट शीघ्र मिल जाएगी।
दफनाए शव का होगा पोस्टमॉर्टम
रिपोर्ट मिलने के बाद आरोपी के खिलाफ कार्रवाई होगी। दफनाए गए नवजात के शव को निकालने के लिए मजिस्ट्रेट की अनुमति मिल गई है।
जंगल में दफनाए गए शव को शुक्रवार को गड्ढे से बाहर निकालकर उसका पोस्टमार्टम कराया जाएगा, जिससे हत्या के मामले की तफ्तीश में मदद मिलेगी।
जरूरत पड़ी तो पीड़िता और आरोपी का डीएनए टेस्ट भी कराया जाएगा। पीड़िता के आरोप संबंधी बयान न्यायालय में भी दर्ज होंगे।
इधर, आरोपों को नकारते हुए रतनराम ने कहा कि उसकी उम्र 60 साल है, वह कुंवारा और अध्यात्म से जुड़ा व्यक्ति है। उसे बिना वजह फंसाया जा रहा है।