जिसको बांधी थी राखी, उसी ने किया दुराचार
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कलाई पर राखी बंधवाने के बाद मुंह बोली बहन से दुराचार करने वाले अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। पीड़िता चार साल की बच्ची आरोपी को भाई बोलती थी। कोर्ट ने फैसला सुनाते वक्त कहा कि दोषी ने अबोध बालिका से बलात्कार जैसा जघन्य अपराध किया है।
उससे उदारता नहीं दिखा सकते हैं। अदालत ने दोषी पर तीस हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। न भरने पर छह माह अतिरिक्त कारावास काटना होगा। धनराशि से बीस हजार रुपये पीड़िता के संरक्षक को दिए जाएंगे।
अभियोजन पक्ष के अनुसार 24 अगस्त वर्ष 2013 को सहसपुर थाना क्षेत्र के नंदा चौकी निवासी चार साल की बच्ची अपने घर में शाम को अकेली थी। इसी दौरान पड़ोस में किराए पर रहने वाले आरोपी पिंटू यादव (मूल निवासी ग्राम शिवराजपुर जिला गोपालगंज बिहार) ने उससे दुराचार किया।
ग्रामीणों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले किया था। विशेष न्यायाधीश एवं जिला सत्र न्यायाधीश राम सिंह की अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन ने नौ गवाह पेश किए।
झूठा केस दर्ज नहीं करा सकता पिता
मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोप साबित हुआ। आरोपी ने कोर्ट को बताया कि बच्ची ने पिछले रक्षा बंधन में उसे राखी बांधी थी।
अदालत में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष (आरोपी) की ओर से कहा गया कि उसे शराब के विवाद में झूठा फंसाया गया है। अदालत ने दोनों पक्ष सुनने के बाद कहा कि शराब के लिए पिता अपनी बेटी से बलात्कार जैसी घटना का झूठा केस दर्ज कराए, इसका कोई कारण नहीं है। आरोपी को फंसाने के लिए घटना फर्जी हो, ऐसा संभव नहीं है।
दोषी बोला, दो बच्चों का पिता हूं, दया दिखाए अदालत
सजा पर दोषी ने कहा कि वह परिवार का भरण पोषण करने वाला इकलौता व्यक्ति है। घर पर पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं। इसे देखते हुए अदालत उसके प्रति उदार दृष्टिकोण अपनाए।