फर्जीवाड़ा: मालिक को पता ही नहीं, जमीन पर बन गया मकान
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जालसाजों ने फर्जी कागजात के आधार पर फरीदाबाद की एक महिला की जमीन को बेच दिया, जिस पर सचिवालय कर्मचारी ने मकान का निर्माण भी करा लिया। एसआईटी की जांच में आरोप की पुष्टि होने के बाद सात जालसाजों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं। उधर, पटेलनगर में भी दूसरे की जमीन को फर्जी दस्तावेज के आधार पर बेच दिया गया।
हरियाणा के फरीदाबाद निवासी श्रीमती आशा रानी ने 2008 में नेहरू कॉलोनी क्षेत्र के इंदरपुर में जमीन खरीदी थी। दाखिल खारिज कराने के बाद मालकिन निश्चित होकर वापस लौट गई। उसके बाद कई बरस तक प्लाट को देखने की कोशिश नहीं की। इसी बीच निगाहों में इस जमीन के जालसाजों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर बेच दिया।
खरीदार सचिवालय कर्मचारी ने उस जमीन पर भवन का निर्माण भी करा लिया। महिला जब प्लाट देखने आई तो वहां भवन निर्माण हुआ देख उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। शिकायत पर मामले में जांच एसआईटी को सौंपी गई थी।
आईजी ने दिए मुकदमा दर्ज करने के आदेश
जांच में आरोप की पुष्टि होने के बाद आईजी संजय गुंज्याल ने नेहरू कॉलोनी पुलिस को महेंद्र निवासी भूपगढ़ी मेरठ, अनिल मलिक निवासी हकीकतनगर, सहारनपुर, देवेंद्र चौधरी निवासी लाहौरी बड़ौत, विनीत निवासी देहरादून, मकान सिंह घनसाली, गोपाल और इमरान के खिलाफ जालसाजी की धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए है।
उधर, पटेलनगर कोतवाली में सुमननगर निवासी वसीम अहमद ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि इरशाद समेत पांच लोगों ने फर्जी दस्तावेज के आधार पर उसकी जमीन बेचकर दाखिल खारिज करा लिया।