हरिद्वार जेल में एक कैदी ने बनाया ऐसा वीडिया, पुलिस में मच गया हड़कंप
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरिद्वार जेल में कैदी ने एक वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। उसको देखकर पुलिस में हड़कंप मच गया। हरिद्वार जेल में कैदी कितने बेधड़क होकर मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे है, इसकी बानगी तब देखने को मिली जब एक कैदी का वीडियो सामने आया है।
ये वो ही कैदी है, जिसके कब्जे से 27 फरवरी को मोबाइल फोन बरामद हुआ था। वीडियो वायरल होने से इस बात की पुष्टि होती है कि जेल में मोबाइल फोन बेधड़क चल रहे हैं। कैदी का वीडियो वायरल होने से जेल के पूरे सिस्टम में हड़कंप मचा हुआ है।
जेल कैंपस में बना यह वीडियो करीब तीन मिनट आठ सेकेंड का है। वीडियो एक कैदी बना रहा है और दूसरा कैदी गुरविंदर अपनी व्यथा रख रहा है। वीडियो में कैदी यह कहता हुआ दिख रहा है कि 27 फरवरी को जेल अधीक्षक, जेल स्टॉफ ने उसे लाठी डंडों से बेरहमी से पीटा।
डराया धमकाया गया कि, यदि चुप न रहा तो जेल से ट्रांसफर करा दिया जाएगा। कैदी बोल रहा है कि जेल में ड्रग्स माफिया का राज चल रहा है और जेल से ट्रांसफर के नाम पर रकम वसूली जाती है।
अपने एक कैदी साथी दीपक का नाम लेकर भी उसने कहा कि, उसे भी ड्रग्स माफिया के इशारे पर बुरी तरह पीटा गया। जेल में चल रहे वीआईपी कंपनी के प्लांट पर भी सवाल खड़े करते हुए कहा कि कैदियों से जबरन काम कराया जाता है और उसके कैंटीन, बैरक से निकलने पर रोक लगा दी गई है।
जेल अधीक्षक पर आईजी के जेल में घुसने से पहले अनुमति लेने का आरोप कैदी लगा रहा है और जेल आईजी पर भी कैदियों की सुनवाई न करने का आरोप लगाया। कैदी ने अपनी पीठ पर लाठी डंडे के निशान भी दिखाए हैं।
कैदी बोल रहा है कि उसकी मुलाकात पर रोक लगा दी है। शिकायत करनी चाही थी तब जेल अधीक्षक ने उसे डिप्टी साहब को दे दी और डिप्टी ने उसे फोटो कॉपी कराकर लाने को कहा। भला जेल में फोटो कॉपी कहां से लाता है, फिर डिप्टी ने उसे डराया धमकाया।
आखिर में कैदी प्रदेश के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत से न्याय की गुहार लगा रहा है। जेल से कैदी का वीडियो वायरल होने से साफ है कि जेल कैंपस में बेरोकटोक मोबाइल फोन ऑपरेट हो रहे है।
जेल से कैदी की वीडियो वॉयरल होने की जानकारी मिली है। मैं इसकी जांच करा रहा हूं। जांच के बाद ही कुछ कह सकूंगा।
- पीवीके प्रसाद, जेल अधीक्षक