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ट्यूटर ने ही किया था बच्चों का अपहरण

Tue, 26 Nov 2013 12:43 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 26 Nov 2013 12:43 PM IST
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kidnapping of brother sister

मुरादाबाद से अपहृत एक बच्चा देहरादून में बरामद हुआ है। पुलिस ने बच्चे को मुरादाबाद पुलिस के सुपुर्द कर दिया है।

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पुलिस अपहरणकर्ता की तलाश में जुटी हुई है। अपहरण करने वाला बच्चों का पुराना ट्यूटर बताया जा रहा है। वह स्कूल में कैशियर भी है। बच्चों के पिता सऊदी अरब से कारोबार करते हैं।

बदहवास हालत में मिली अन्जा
रविवार शाम चार बजे मुरादाबाद में रेती स्ट्रीट के फीलखाना निवासी मोहम्मद शमीम की बेटी अन्जा (11) और बेटे अयान (6) का अपहरण हो गया था। अन्जा एसएस चिल्ड्रेन एकेडमी में छठवीं और अयान मोहल्ले के ही स्कूल में यूकेजी में पढ़ता है।
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घटना का पता परिवार वालों को शाम छह बजे लगा। काफी कोशिश के बाद भी बच्चों का पता नहीं चला। रविवार रात हरिद्वार पुलिस ने फोन पर सूचना दी कि अन्जा हरिद्वार व नजीबाबाद की सीमा पर रसिया वन में बदहवास हालत में मिली है। उसके शरीर और गले पर चोटों के निशान थे।
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जानकारी मिलते ही परिवार वालों ने मुकदमा दर्ज कराया। मुरादाबाद पुलिस हरिद्वार पहुंची तो अन्जा ने अपने पुराने ट्यूटर और स्कूल के क्लर्क अजलम उर्फ अजीम का नाम लिया। बताया कि अजीम दोनों को टॉफी देने के बहाने बाइक से लाया था। अन्जा को जंगल में छोड़कर भाई को ले गया।

सोमवार सुबह अयान आईएसबीटी से कुछ दूर ओबराय मोटर्स के बाहर बदहवास हालत में घूमता मिला। अयान की निशानदेही पर पुलिस ने हरिद्वार के कई इलाकों में दबिश दी। लेकिन अजीम हाथ नहीं आया। पुलिस के अनुसार अजीम ने अन्जा के एडमीशन में परिजनों की मदद की थी।

इसलिए उसका घर में आना-जाना था। बच्चों को भी अजीम पर विश्वास था। इंस्पेक्टर पटेलनगर एमपी सैनी ने बताया कि अपहरणकर्ता की तलाश में मुरादाबाद पुलिस की मदद की जा रही है।

हत्या के इरादे से किया था अपहरण
आरोपी ट्यूटर ने फूलप्रूफ प्लान बनाया था। दोनों बच्चों की हत्या कर लाशों को उत्तराखंड के जंगलों में फेंककर उसके फरार होने की योजना थी। ताकि बच्चों का कभी किसी को पता न लग सके।

जंगली जानवर उन्हें अपना शिकार बना लें और उनकी गुमशुदगी पुलिस के रिकॉर्ड में इतिहास बन जाए। लेकिन अन्जा के होश में आने से उसके मासूम भाई की भी जान बच गई। शाम चार बजे आरोपी ट्यूटर और स्कूल का क्लर्क अजीम, कारोबारी के मोहल्ले में पहुंचा।

शायद उसे पता था कि बच्चे कुछ देर में घर से निकलने वाले हैं। अन्जा और अयान निकलकर आए तो वह भी पीछे लग गया। कन्फेक्शनरी की दुकान से सामान लेने के बाद जैसे ही बच्चे मुड़े, आरोपी ने उन्हें झांसा देकर बाइक पर बैठा लिया।

सीधे कांठ रोड होते हुए नजीबाबाद और फिर रसिया वन रेंज पहुंचा। यहां सुनसान स्थान पर अन्जा का गला घोंट दिया। इससे पहले उसकी पिटाई भी की। अयान को दोबारा बाइक पर बैठाया और आगे निकल गया।

वन कर्मियों के अनुसार जिस स्थान पर बच्ची मिली, वहां जंगली जानवरों का खतरा रहता है। खुली गाड़ियों से वनकर्मी भी नहीं जाते। लेकिन किस्मत से बच्ची की जान बच गई। माना जा रहा है कि आरोपी ने अयान की देहरादून में हत्या करने की योजना बनाई थी।

रात हरिद्वार में एक दोस्त के कमरे पर रुका
आरोपी अयान को लेकर हरिद्वार के एक दोस्त के कमरे में रुका और सुबह उसे लेकर देहरादून गया। लेकिन तब तक उसकी बाइक का नंबर फ्लैश हो चुका था। देहरादून में आईएसबीटी के पास चेकिंग देख उसने अयान को वहीं पर उतार दिया।


पटेलनगर पुलिस बच्चे को लेकर थाने आई और फिर हरिद्वार पुलिस को सूचना दी। इसके बाद उधर, हरिद्वार से मुरादाबाद पुलिस अन्जा को लेकर देहरादून गई और अयान को सुपुर्दगी में लिया।

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