बैंक के लॉकर में बारह साल से रखा था रिवॉल्वर
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देहरादून के एक बैंक के लॉकरों को शक होने पर बारह साल बाद खोला गया तो एक में रिवाल्वर बरामद हुआ। अन्य चार लॉकर खाली मिले हैं।
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यह लॉकर देहरादून के एक बड़े जमींदार के नाम है, जो यहां से संपत्ति बेचकर चले गए थे। किसी को भी पता नहीं है कि वो जमींदार इस समय जिंदा भी हैं या नहीं।
फिलहाल अवैध हथियार को लेकर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। लेकिन ये रहस्य बना हुआ है कि बैंक के लॉकर तक रिवॉल्वर पहुंचा कैसे।
बैंक मैनेजर को इसलिए हुआ शक
दून में सुभाष रोड पर रहने वाले सतीश चंद भाटिया की पहचान बड़े जमींदार के रुप में रही है। घंटाघर के पंजाब नेशनल बैंक में उनके द्वारा पांच लॉकर संचालित किए जा रहे थे।
2002 के बाद से न तो इन लॉकरों का नवीनीकरण कराया गया और न ही कोई खोलने के लिए आया। इस वजह से शक होने पर बैंक प्रबंधक ने पुलिस से शिकायत की।
पुलिस ने जब लॉकरों को खुलवाया तो चार लॉकर पूरी तरह खाली पाए गए, जबकि एक में रिवाल्वर मिला तो हर कोई सकते में आ गया।
बेल्जियम का है रिवॉल्वर
जांच पड़ताल में साफ हुआ कि बरामद रिवाल्वर बेल्जियम का है। पुलिस ने रिवाल्वर जब्त कर भाटिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
इंस्पेक्टर कोतवाली एसएस विष्ट के मुताबिक भाटिया बरसों पहले यहां से संपत्ति बेचकर चले गए थे। वो जीवित है या फिर मर गए, अभी कुछ भी नहीं पता है।
जांच पड़ताल के बाद ही इस रहस्य से पर्दा उठ सकेगा। दूसरा यह रिवाल्वर लाइसेंसी है या फिर अवैध। पुराने लोगों से इस बाबत जानकारी हासिल की जा रही हैं।