नाबालिग को बहलाकर ले गए अपने साथ, फिर बेच दिया
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राजधानी देहरादून में मानव तस्करी से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। यहां एक युगल ने नाबालिग को अपने झांसे में लिया और अपने साथ ले गए। फिर उसे किसी को बेच दिया।
कालसी थाना पुलिस ने मानव तस्करी के मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उन्हें कोर्ट में पेश किया। जहां से तीनों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
बीती 24 अप्रैल को थाना क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने उसकी नाबालिग पुत्री को भगा ले जाने के मामले में मोनू पुत्र स्व. रणवीर सिंह निवासी ग्राम सरूरपुर कला बड़ौत जिला बागपत यूपी के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। थानाध्यक्ष दिलबर सिंह नेेगी की अगुवाई में पुलिस टीम ने अपहृत नाबालिग को मंगलवार को आरोपी के घर से बरामद कर लिया था। आरोपी फरार हो गया था।
मेले में किसी के हाथ बेच दिया
पुलिस ने नाबालिग के मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराए। नाबालिग ने बताया कि फरार आरोपी के गांव की एक महिला सपना और उसके पति हरेंद्र उसे बहला-फुसलाकर बिस्सू मेले से ले गए थे। जहां दोनों ने उसे सरुरपुर गांव में मोनू के हवाले कर दिया। इसकी एवज में सपना ने मोनू से पैसे लिए। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने मुखबिरों का जाल बिछाया।
पुलिस को पता चला कि तीनों आरोपी किसी काम से कालसी आए हुए हैं और काली मंदिर के समीप खड़े हैं। इस पर पुलिस ने आरोपी मोनू, सपना और हरेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों से पूछताछ में यह बात प्रकाश में आई कि मोनू रिश्ते में सपना का देवर लगता है। मोनू की शादी नहीं हुई है। ऐसे में दोनों ने मिलकर जौनसार में आयोजित होने वाले बिस्सू मेले से नाबालिग को बहला-फुसला कर अपने साथ ले गए।