मरीजों को 'जहरीली दवा' देने वाले डॉक्टर को सिर्फ 'एक दिन' की जेल, जानें पूरा मामला
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इलाज के नाम पर मरीजों को धोखा देकर जहरीली दवाएं देने वाले डॉक्टर को सिर्फ एक दिन की जेल में रहने की सजा मिली। बुधवार को पांच साल के कारावास की सजा पाने वाले डॉ. आरके गुप्ता को बृहस्पतिवार को जमानत मिल गई।
जिला न्यायाधीश की अदालत ने डॉ. गुप्ता की अपील पर सुनवाई के लिए 22 जनवरी की तारीख मुकर्रर की है। शाम के समय डॉ. गुप्ता को सुद्धोवाला जेल रिहा भी कर दिया गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विवेक द्विवेदी की अदालत ने ऋषिकेश स्थित नीरज क्लीनिक के मालिक डॉ.आरके गुप्ता को बुधवार को मिर्गी का शर्तिया इलाज का दावा कर रोगियों से धोखाधड़ी करने समेत अन्य मामलों में पांच साल के सश्रम कारावास और दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई थी।
सजा के बाद गुप्ता को सुद्धोवाला जेल भेज दिया गया था। वहीं, डॉ. गुप्ता को छुड़ाने के मामले में ऋषिकेश के पूर्व पालिकाध्यक्ष दीप शर्मा समेत 14 लोगों को भी सजा सुनाई गई थी, जिन्हें बुधवार को ही जमानत मिल गई थी।
सीजेएम कोर्ट के फैसले के खिलाफ बृहस्पतिवार को जनपद न्यायाधीश की कोर्ट में अपील की गई। संयुक्त निदेशक अभियोजन, जेएस बिष्ट के मुताबिक जनपद न्यायाधीश ने अपील पर सुनवाई के लिए 22 जनवरी की तारीख मुकर्रर की है। सुनवाई के बाद आरके गुप्ता को 20-20 हजार के मुचलकों पर जमानत पर रिहा करने के आदेश हुए। शाम को गुप्ता को जेल से रिहा कर दिया गया।
बता दें कि आरके गुप्ता के यहां तीन अगस्त 2004 को औषधि नियंत्रक विभाग और प्रशासन की टीम ने छापा मारा था। आरोप था कि डॉ.गुप्ता आयुर्वेदिक दवाइयों के नाम पर मिर्गी रोगियों धोखाधड़ी करता था।
मौके पर मिलीं दवाओं को सीज कर पुलिस ने आरके गुप्ता को हिरासत में ले लिया था, मगर लोगों की भीड़ ने गुप्ता को पुलिस से छुड़ा लिया। बाद में लोगों ने ऋषिकेश कोतवाली पहुंचकर पत्थरबाजी भी की थी। मामले में पुलिस ने नामजद मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने विवेचना के बाद आरके गुप्ता समेत 15 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया था।