कक्षा छह की छात्रा को 76 साल के बूढ़े ने बनाया हवस का शिकार, गुस्साए लोग पहुंचे थाने
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रायपुर क्षेत्र में एक बुजुर्ग ने लालच देकर बालिका को हवश का शिकार बना लिया। पुलिस ने शिकायत पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया। उधर उग्र लोगों ने आरोपी के बेटे की दुकान समझकर तोड़फोड़ कर दी। यही नहीं सामान को सड़क पर फेंककर आग लगा दी। शोर-शराबा हुआ तो आरोपी भाग गए।
तनाव का माहौल बनने के कारण जिले भर की फोर्स को मौके पर बुलाकर स्थिति को संभाला गया। पुलिस ने तोड़फोड़ का मुकदमा दर्ज एक आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया है। रायपुर क्षेत्र की कक्षा छह में पढ़ने वाली एक छात्रा को बुजुर्ग लालच देकर अपनी हवश का शिकार बना रहा था। शुक्रवार सुबह को इस बात का खुलासा हुआ तो पीड़ित पक्ष को लेकर हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता रायपुर थाने पहुंच गए। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी बुजुर्ग नूर हसन (76) को गिरफ्तार कर लिया।
थाने से निकलकर रांझावाला पहुंचे उग्र युवकों ने आरोपी के बेटे खुर्शीद की दुकान मानकर उसमें तोड़फोड़ कर दी। शीशा तोड़ने के साथ सामान को बाहर फेंककर आग लगा दी गई। दुकान मालिक ओमप्रकाश शर्मा और अन्य समझ नहीं पाए कि क्या माजरा है। शर्मा ने उन्हें रोकने की कोशिश भी की। तोड़फोड़ करने वालों को जब यह पता लगा कि खुर्शीद तो इस दुकान पर काम करता है, तो वह वहां से भाग गए।
शिक्षिका की जागरूकता को सलाम
तनातनी के बीच तोड़फोड़ और आगजनी की खबर से पुलिस में हड़कंप मच गया। डीआईजी पुष्पक ज्योति के निर्देश पर एसपी सिटी अजय सिंह, एसपी देहात श्वेता चौबे, एएसपी लोकेश्वर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। जिले भर के थाना प्रभारियों को वहां बुला लिया गया। उन्होंने घटनाक्रम की जानकारी लेकर इलाके में पुलिस सक्रियता बढ़ा दी। दुकानदार का आरोप था कि तोड़फोड़ करने वाले खुद को बजरंग दल के कार्यकर्ता बता रहे थे।
पुलिस ने दुकान मालिक की तरफ से मुकदमा दर्ज कर एक आरोपी मोहन लाल को गिरफ्तार कर लिया, जबकि संजू पाल, विकास शर्मा और एक महिला की तलाश में दबिश चल रही है। बैंक के सीसीटीवी कैमरे की मदद से आरोपियों की पहचान कर ली। उधर डीआईजी पुष्पक ज्योति ने इस वारदात के बाद रेंज के हरिद्वार, कोटद्वार, रुड़की, चमोली, टिहरी पुलिस को अलर्ट कर दिया। उन्होंने मिश्रित आबादी में गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए।
शिक्षिका यदि जागरूक नहीं होती तो घटना का खुलासा नहीं हो पाता। स्कूल में पढ़ाई के दौरान शिक्षिका को बालिका के पास काफी रुपये मिले तो उन्हें शक हुआ। शिक्षिका ने बालिका की मां से बात कर रुपये देने पर आपत्ति जताई। मां ने रुपये देने से इंकार किया तो संवेदनशीलता और बढ़ गई। मां ने बालिका से पूछताछ की तो बुजुर्ग की शर्मसार करने वाली करतूत उजागर हो गई।